डिजिटलाइजेशन के साथ पौर्न वेबसाइट का धंधा बड़ी तेजी से फैल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में न सिर्फ विकृति फैल रही है, लोगों को आत्महत्याएं तक करनी पड़ रही है, बल्कि युवा पीढ़ी सेक्स को लेकर दिग्भ्रमित भी हो रही है. सिनेमाघरों में दर्शकों को आकर्षित करने और उन्हें ‘पौर्न वेबसाइट’ के दुश्प्रभावों से लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से एक प्रसिद्ध पौर्न वेब पोर्टल के नाम पर लेखक व निर्देशक साजो सुंदर हिंदी और तमिल में द्विभाषी फिल्म ‘एक्स वीडियो’ लेकर आ रहे हैं. ‘कलर शैडोज इंटरटेनमेंट’ के बैनर तले बनी यह फिल्म लोगों के निजिता के आधिकार का महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा उठाती है, जिसके बारे में लोग बात करने से भी डरते हैं.

साजो सुंदर उन फिल्म निर्दशकों में से हैं, जो कई बार साबित कर चुके हैं कि यदि आपके अंदर प्रतिभा है तो आसमान में भी आप उड़ सकते हैं. जी हां! फिल्मकार साजो सुंदर ने बतौर सहायक लेखक अशोक कुमार के साथ करियर शुरू किया था. फिर मशहूर फिल्म निर्देशक हरी के साथ बतौर सहायक निर्देशक काम किया. उन्होंने ‘कानागवेल काका’, ‘धोनी’ और ‘बंगलोर नाटकल’ में बतौर ‘को डायरेक्टर’ काम किया. ‘बंगलोर नाटकल’ मल्टी स्टार कास्ट वाली फिल्म है. प्रकाश राज के साथ तमिल, तेलगू व मलयालम त्रिभाषी फिल्म ‘अनसमयाल अराइल’ का ‘को डायरेक्शन’ किया. अब स्वतंत्र निर्देशक व लेखक की हैसियत से वह तमिल व हिंदी में द्विभाषी फिल्म ‘एक्स वीडियो’ लेकर आ रहे हैं. जिसमें इस बात का चित्रण है कि किस तरह लोगों की निजिता का हनन करते हुए लोगों के द्वारा अपने मोबाइल फोन या इंटरनेट पर सुरक्षित किए गए निजी वीडियो व सेक्स वीडियो को चुराकर ‘पौर्न वेबसाइट’ खुलेआम प्रसारण कर धन कमा रही है.

डिजिटल युग में किस तरह लोग दूसरों के बेडरूम में झांक रहे हैं, उसकी कथा बयां करने वाली फिल्म है, ‘एक्स वीडियो’. कहानी शुरू होती है तीन दोस्तों मनोज, डैनी और अंकित से. इनमें से अंकित ने छह माह पहले ही अपनी प्रेमिका तृप्ति से शादी की है. एक बार उससे बात करके वह उसका एक न्यूड वीडियो बनाता है और कहता है कि जब हम बूढ़े हो जाएंगे, तब इसे देखेंगे, लेकिन इंटरनेट के जरिए नावेद वह वीडियो लीक करके बेच देता है, जिसे मनोज और डैनी देखते हैं. वह अंकित को बताते है. अंकित आत्महत्या कर लेता है. उसके बाद मनोज और डैनी प्रतिज्ञा करते हैं कि इस तरह की पौर्न वेब साइट चलाने वालों के रैकेट को खत्म करके ही रहेंगे. मनोज पत्रकार है. वह अपने मित्र व पुलिस इंस्पेक्टर इमरान की मदद से जांच शुरू करता है.

पता चलता है कि इस पौर्न वेबसाइट को चलाने वाले पांच दोस्त विक्रम, अभिषेक, राहुल, रोहण है, जिसका मास्टर माइंड विक्रम है, जो पैसे देकर लोगों से वीडियो खरीदवाता है. नए वीडियो बनवाता भी है. इन वीडियो को वेबसाइट पर लोड कर धन कमाता है लेकिन उससे कई लोगों की जिंदगी बर्बाद हो रही है. कई लोग आत्महत्या कर चुके हैं. विक्रम अपने आफिस का अग्रीमेंट और एकाउंट सब गलत नाम पर बनवा रखा है, जिससे वह कभी पकड़ा ना जाए.

मनोज, पुलिस इंस्पेक्टर इमरान, डैनी व तृप्ति मिलकर विक्रम को पकड़ने का प्लान बनाते हैं. काफी मेहनत के बाद यह प्लान सफल होता है. विक्रम को जेल हो जाती है. मनोज, डैनी से बात करता है कि वह तृप्ति की मदद करना चाहता है. मनोज, तृप्ति के सामने शादी करने का प्रस्ताव रखता है, मगर तृप्ति मना कर देती है. मनोज, डैनी व इमरान लोगों को ऐसे वीडियो किसी भी हालत में ना बनाने कर बात प्रमोट करना शुरू करते हैं.

फिल्मकार साजो सुंदर कहते हैं, ‘‘आम लोगों को अश्लील फिल्म उद्योग के दुष्प्रभावों से परिचित कराने और उसके गहरे मकड़जाल को बेनकाब करने के लिए हमने फिल्म ‘एक्स वीडियो’ का निर्माण किया है. हमारी यह फिल्म लोगों को उनकी निजिता के अधिकार पर आए संकट से, अश्लील फिल्म जगत द्वारा उत्पन्न किए जा रहे भय, संकट व नए खतरों के प्रति जागरूक करेगी.’’

वह आगे कहते हैं, ‘‘हमारा मकसद ‘पौर्न वीडियो’ और ‘पौर्न वेबसाइट’ के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है. मैं सरकार द्वारा ‘पौर्न वेबसाइट’ पर पाबंदी के कदम का पुरजोर तरीके से समर्थन करता हूं और इसके लिए मुहीम चलाना चाहता हूं. मैं अपनी फिल्म के प्रदर्शन के बाद पौर्न वेबसाइट बंद हो, इस मांग के साथ अदालत का दरवाजा भी खटखटाने वाला हूं.’’

यौन उत्पीड़न के बढ़ते अपराधों की चर्चा करते हुए साजो सुंदर कहते हैं, ‘‘हमारे देश में यौन उत्पीड़न के अपराध इसलिए ज्यादा हैं, क्योंकि हमारे यहां सेक्स शिक्षा का कोई प्रावधान नहीं है. हमारी फिल्म लोगों के दिलो दिमाग मन और आत्मा के सटीक निशाने पर चोट करने के साथ ही नई पीढ़ी के बीच जागरूकता लाएगी.’’

पौर्न वीडियो या पौर्न वेबसाइट किस तरह लोगों को नुकसान पहुंचाती है. इस सवाल पर फिल्मकार साजो सुंदर ने कहा, ‘‘पौर्न वीडियो या पौर्न वेबसाइट देखने वालों का दिमाग खराब हो जाता है और वह सभी सेक्स से जुड़े अपराधों से जुड़ते हैं.’’

इंटरनेट व डिजिटलाइजेशन के बढ़ते कदम के इस दौर में लोगों की निजिता का हक बरकरार रखने की दिशा में सरकार क्या कर सकती है. इस सवाल पर साजो सुंदर ने कहा, ‘‘सरकार कुछ अति कठोर कदम उठाकर हमें सुरक्षित कर सकती है.’’

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