सरिता विशेष

नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने अपनी आत्मकथा के कुछ अंश एक अंग्रेजी पत्रिका में छपवा कर ऐसी मुसीबत मोल ले ली है, जिससे उबर पाना फिलहाल उनके लिए आसान नहीं नजर आ रहा है. लगभग बीस दिन पहले नवाजुद्दीन सिद्दिकी की किताब के वह अंश, जिनमें उन्होंने अपनी पूर्व प्रेमिकाओं के साथ अपने संबंधों का खुलासा किया है, एक अंग्रेजी अखबार में छपे थे. उसके बाद उनकी पूर्व प्रेमिकाओं ने उन्हें झूठा बताते हुए ऐसा विरोध किया कि नवाजुद्दीन सिद्दिकी को ट्वीटर पर आकर न सिर्फ माफी मांगनी पड़ी, बल्कि यह भी ऐलान करना पड़़ा कि वह अपनी आत्मकथा की इस किताब को बाजार में लेकर नहीं आएंगे.

इसके बावजूद इस किताब की वजह से पैदा हुई मुसीबतों से वह उबर नहीं पा रहे हैं. एक तरफ राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनके खिलाफ जांच शुरू की है तो दूसरी तरफ उनकी पूर्व प्रेमिका और अभिनेत्री सुनीता राजवार ने उनके खिलाफ दो करोड़ रूपए की मानहानि की कार्यवाही की कानूनी नोटिस भेजी है. सुनीता राजवार का आरोप है कि नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने अपनी किताब में उनके नाम और उनके संबंध में जो कुछ लिखा, उसकी वजह से उनका वैवाहिक जीवन संकट में आ गया और उनका घोर अपमान हुआ है.

ज्ञातव्य है कि अपनी किताब में नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने अभिनेत्री निहारिका व सुनीता राजवार के साथ अपने प्रेम संबंधो को लेकर काफी विस्तार से खुलासे किए हैं.

इसी पर एक वेब साइट से बात करते हुए सुनीता राजवार ने कहा है- ‘‘मेरी समझ में नहीं आता कि नवाज को मेरा या निहारिका का नाम उजागर करने की क्या जरुरत थी? जो उन्होंने मेरे साथ किया, वही उन्होंने निहारिका के साथ किया. यदि निहारिका ने नवाज से शारीरिक संबंध बनाए, तो स्वाभाविक तौर पर उसने उनसे प्यार किया और उसने उन पर यकीन किया.

ऐसे में नवाज उसे इतने घटिया और गंदे तरीके से धोखा कैसे दे सकते हैं? किताब बेचने के लिए इस तरह का सेनसेलाइजेशन बहुत गलत है. उन्होंने पृष्ठ संख्या 56 पर एक अन्य महिला के बारे में भी जिक्र किया है, मगर उसका नाम वह छिपा गए. तो फिर मेरा व निहारिका का नाम ही क्यों लिखा? आखिर मैंने या निहारिका ने उनका क्या बिगाड़ा था? मेरे हिसाब से नवाजुद्दीन सिद्दिकी का यह अति घटिया उपन्यास है. आप सम्मान जनक तरीके से भी हर बात को लिख सकते थे.’’

सुनीता राजवार आगे कहती हैं- ‘‘यदि मैंने अपने पति से नवाज के साथ प्रेम की बात छिपायी होती, तो अब वह इस बात को अखबार में पढ़कर मुझे घर से बाहर न फेंक देते? आप कल्पना कीजिए कि पति को अपने आफिस में किस तरह की बातें सुननी पड़ती हैं? उन्हें किस मनःस्थिति से गुजरना पड़ता है, जब लोग अखबार में छपी उसकी पत्नी की खबर को चटकारे लेकर एक दूसरे को सुनाते हैं? आप कल्पना कीजिए कि शादीशुदा पत्नी के सास ससुर को किस सदमे से गुजरना पड़ रहा होगा? उनके सामने आपका साथ देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता? क्या यह सब उचित व सहज है? अब तो नुकसान हो चुका है. इसीलिए मैंने दो करोड़ रूपए की मानहानि का मुकदमा किया है.’’

सुनीता राजवार कहती हैं- ‘‘नवाजुद्दीन एक ऐसे घटिया इंसान हैं, जो कि पहले आपके साथ के रिश्ते को लेकर गंभीरता नहीं बरतते. उसके अलावा 15-20 वर्ष बाद आपको थप्पड़ भी मारने का काम भी करते हैं. हमारा समाज ऐसा है कि वह हमेशा लड़की की ही गलती बताता है? जिंदगी एक यात्रा है. हम अपनी जिंदगी या अपने पति या पत्नी के बारे में शादी के बाद भी धीरे धीरे बहुत कुछ जान पाते हैं?’’

सुनीता राजवार के अनुसार नवाजुद्दीन सिद्दिकी को लोग एक अच्छा कलाकार मानते हैं. वह कहती है-‘‘तो फिर उनके अंदर ऐसा क्या जागा कि वह ऐसा बर्ताव कर रहे हैं? हमें लगता है कि कलाकार परदे पर जैसा नजर आता है, वैसा होता है, पर यह गलत है. वह कह रहे हैं कि उन्होंने किताब वापस ले ली, बाजार में नही डाल रहे हैं, जबकि किताब की तमाम प्रतियां बाजार में मौजूद हैं. लोग उसे पढ़ भी रहे हैं. मैंने या निहारिका ने भी उनके खिलाफ कोई बात नही की, कि उन्हें हमसे बदला लेने की जरुरत पड़ी हो? नवाज ने हमें शांति, चैन से रहने देने की बजाय हमें बहुत नुकसान पहुंचाया है.’’