किशोरों की सुबह मोबाइल अलार्म से शुरू हो कर आईपैड व वीडियोगेम्स, कंप्यूटर और वीडियोचैट, मूवी लैपटौप आदि के इर्दगिर्द गुजरती है. दिनभर वे फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप जैसी सोशल नैटवर्किंग साइट्स पर व्यस्त रहते हैं. इन्हें नएनए गैजेट्स अपनी जीवनशैली में सब से अहम लगते हैं. शायद इसलिए मार्केट में टीनएजर्स के लिए नए साल की शुरुआत यानी न्यू ईयर पर नएनए गैजेट्स लौंच होते हैं. किशोर भी नए साल की शुरुआत एक नए गैजेट को खरीद कर रखना चाहते हैं. कई बार तो टीनएजर्स साल भर अपनी पौकेटमनी से पैसे बचा कर जमा करते हैं ताकि नए साल पर अपना पसंदीदा गैजेट खरीद सकें. ये गैजेट्स किशोरों को न सिर्फ लुभाते हैं बल्कि इन को खरीद कर वे खुद को मौडर्न भी समझने लगते हैं. यही कारण है कि वे हमेशा गैजेट्स को ले कर क्रेजी रहते हैं और हर साल नएनए गैजेट्स बहुत शौक से खरीदते हैं.

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