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Writer- रेणु गुप्ता

उस के और इनाया आंटी के जाने के बाद उन सब की हैल्थ और खानेपीने का कौन ध्यान रखेगा, यह सोचसोच वह हलकान हुआ जा रहा था.

उस दिन पापा औफिस से आए तो  अचानक चक्कर आने की शिकायत करने लगे. ब्लडप्रैशर  चैक करने पर उन का ब्लडप्रैशर बहुत हाई आया. शुगर लैवल भी बहुत हाई आया. इनाया  आंटी ने फौरन उन के फैमिली डाक्टर को फोन कर बुलाया. डाक्टर ने पापा को इंजैक्शन लगाए और तब पापा का ब्लडप्रैशर और शुगर लैवल सामान्य हुए.

पापा का यह हाल देख रिदान का पापा और अनाया आंटी को  वैवाहिक बंधन में बांधने का निश्चय और पुख्ता हुआ.

अमायरा से फ़ौरन इस मुद्दे पर बात करने की सोच कर उस ने घरभर में अमायरा को ढूंढा, लेकिन वह कहीं नहीं मिली. तभी उस ने खिड़की से देखा, वह बाहर बगीचे में पेड़पौधों को पानी दे रही थी.

वहां जा कर उस ने उस से कहा, "अमायरा, मैं सोच रहा हूं, मेरे नौकरी पर जाने के बाद पापा का ध्यान कौन रखेगा? आंटी पापा और दादूदादी का ध्यान बिलकुल मम्मा की तरह रखती  हैं. मेरे पीछे इन लोगों  की केयर कौन करेगा, यह सोचसोच कर मुझे बहुत चिंता  हो  रही  है. क्यों न मेरे बेंगलुरु जाने से पहले हम  इन दोनों की शादी करवा दें?"

"बात तो तुम पते की कर  रहे हो. मैं ने भी औब्जर्व किया है कि मम्मा तपन अंकल और तुम सब के साथ बहुत रिलैक्स्ड रहती हैं और यहां तुम सब के सामने  मुझ पर भी बहुत कम चिल्लाती  हैं. घर पर तो हरदम किसी न किसी बात को ले कर झींकतीझल्लाती  रहती हैं.  उन का ब्लडप्रैशर भी हरदम हाई रहता है. लेकिन  तुम सब के साथ रहने से एकदम नौर्मल आ जाता है. तुम लोगों के यहां वे बेहद  खुश भी दिखती हैं. इन दोनों की जल्दी से जल्दी शादी करवाना बेस्ट आइडिया है. लेकिन, यह तो हमारी सोच है.  खुद उन दोनों को  शादी के लिए तैयार कौन करेगा? मुझे नहीं लगता मम्मा या तपन अंकल इस के लिए आसानी से हां कर देंगे."

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