Love Story In Hindi : ‘‘हर्ष,अब क्या होगा?’’ आभा ने कराहते हुए पूछा. उस की आंखों में भय साफ देखा जा सकता था. उसे अपनी चोट से ज्यादा आने वाली स्थिति को ले कर घबराहट हो रही थी.

‘‘कुछ नहीं होगा... मैं हूं न. तुम फिक्र मत करो,’’ हर्ष ने उस का गाल थपथपाते हुए कहा.

मगर आभा चाह कर भी मुसकरा नहीं सकी. हर्ष ने उसे दवा खिला कर आराम करने को कहा और फिर खुद भी उसी के बैड के एक किनारे अधलेटा सा हो गया.

आभा दवा के असर से नींद के आगोश में चली गई. मगर हर्ष के दिमाग में कई उलझनें एकसाथ चहलकदमी कर रही थीं...

कितने खुश थे दोनों जब सुबह रेलवे स्टेशन पर मिले थे. हर्ष की ट्रेन सुबह 8 बजे ही स्टेशन पर लग चुकी थी. आभा की ट्रेन आने में अभी

1 घंटा बाकी था. यह समय हर्ष ने उस से व्हाट्सऐप पर चैटिंग करते हुए ही बिताया था. जैसे ही आभा की ट्रेन के प्लेटफौर्म पर आने की घोषणा हुई, वह आभा के कोच की तरह बढ़ा. आभा ने भी उसे देखते ही जोरजोर से हाथ हिलाया.

स्टेशन की भीड़ से बेपरवाह दोनों वहीं कस कर गले मिले और फिर अपनाअपना बैग ले कर स्टेशन से बाहर निकल आए. एक होटल में कमरा ले कर दोनों ने चैक इन किया. अटैंडैंट के सामान रख कर जाते ही दोनों फिर एकदूसरे से लिपट गए.

थोड़ी देर तक एकदूसरे को महसूस करने के बाद वे नहाधो कर नाश्ता करने बाहर निकले. आभा का बाहर जाने का मन नहीं था. वह तो

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