पन्ने तो सब भर गए हैं कहो तो लिख दूं तुम्हारे दिल पर
पहुंचा दूं कुछ संदेश
अपना मौसम भी बतलाना कुछ कलरव हो तो आ जाऊं
धर कर घूंघट वाला वेश
विमानों से हवाओं में उड़ना लुभाता पांव धरती पर रखता तो पता चलता
रोमरोम में बसा सोंधी माटी वाला देश
आ भी जाओ बहुत हो चुका उजियारा मचला है अब बांधूंगा
अंधियारों वाले लंबेलंबे केश
मेरा मन तो सरल, सघन है जी में आए तो कर दूं पल में
चाय के संग चांदसितारे पेश.
CLICK HERE CLICK HERE CLICK HERE
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
(1 साल)
USD99USD49
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
(1 साल)
USD150USD129
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...
सरिता से और






