जिद में आके, ये बात मत करना
वक्त से दोदो हाथ मत करना
जाते पंछी से घोंसले ने कहा
लौट आने में रात मत करना
गजनवी आके लूट ले न कोई
दिल को तू सोमनाथ मत करना
हर कदम पर शकुनि की चालें हैं
जिंदगी को बिसात मत करना
शंका, कुशंका, वहम, अंदेशे
इतना भी एहतियात मत करना
बोझ बन जाए जो सफर में ‘शशि’
ऐसे लोगों का साथ मत करना.
डा. शशि श्रीवास्तव
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
(1 साल)
USD99USD49
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
(1 साल)
USD150USD129
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...
सरिता से और





