छत की उम्र पूछनी है

तो ढहती दीवारों से पूछ

आग का मतलब पूछ न मुझ से

दहके अंगारों से पूछ

 

पुरखों की संघर्षकथा

कंप्यूटर क्या बताएगा

कैसे मुकुट बचा मां का

टूटी तलवारों से पूछ

 

बड़ेबड़े महलों का तू

इतिहास लिखे इस से पहले

कितने घर बरबाद हुए थे

बेघर बंजारों से पूछ

 

छेनी की चोटों से जितना

रेशारेशा दुखता है

ऊंचा उठने की कीमत तो

जख्मी मीनारों से पूछ

 

ओ मगरूर मुसाफिर, तेरे सफर की

फिर भी कोई मंजिल है

जिस को चलना फकत चलना है

उन तारों से पूछ.

 

 डा. बीना बुदकी

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD99USD49
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD129
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...