Hindi Satire Story : कभी विवाह का अर्थ था ग्रहों से अनुमति लेना और भाग्य से लिखित सहमति. पंडित की आवाज में भविष्य कांपता था और कुंडली के पन्नों पर फैसले झूलते थे. हर ग्रह मानो परिवार का सदस्य बन कर राय देता था. आज वही गंभीर संस्कार मोबाइल की स्क्रीन पर स्वाइप होते हुए मजाक बन गए हैं.
एक जमाना था जब विवाह से पहले पंडित बुला कर लड़का व लड़की की जन्मतिथि, समय और स्थान के आधार पर 36 गुणों का मिलान होता था. कहीं लड़की मंगली निकलती तो सन्नाटा, कहीं सप्तम भाव में राहु-केतु दिखते तो पंडित समाधान बताते. चंद्रदोष, शनिदोष, सूर्य की स्थिति आदि सब विवाह के फैसलों को प्रभावित करते थे.
लेकिन अब समय डिजिटल हो गया है. निकट भविष्य में कुंडली मिलान तो होगा पर यह एआई युग का डिजिटल कुंडली मिलान होगा. आइए, संभावित परिवर्तन की कुछ बानगियां देखते हैं. रिश्ते अब फोटो फिल्टर, वीडियोकौल बायोडेटा और इंस्टा रील्स पर टिके हैं. अब लड़के की कुंडली में मंगल नहीं, उस की ट्विटर ओपिनियन और इंस्टाग्राम हैबिट्स देखी जाती हैं. रिश्ता तय होने से पहले पूछा जाता है, ‘‘क्या आप ने उस की एआई प्रोफाइल स्कैन की?’’
एआई अब नई कुंडली बना रहा है- जन्म के बजाय गूगल सर्च हिस्ट्री, ब्राउजिंग बिहेवियर और डेटिंग ऐप्स का डाटा. एआई रिपोर्ट कहती है, ‘‘लड़का कमिटमैंट फोबिक है, उस ने 4 साल में 9 डेटिंग ऐप इंस्टौल किए.’’
‘‘लड़की की यूट्यूब वाचलिस्ट ट्रू क्राइम एडिक्टेड है, गृहक्लेश संभव.’’
अब पंडित की जगह ऐप आता है और कहता है, ‘‘कम्पैटिबिलिटी 88 फीसदी है, लेकिन स्क्रीनटाइम 6 घंटे है.’’ अब विवाह से पहले लड़कालड़की के डेटा यूसेज, स्क्रीनटाइम, व्हाट्सऐप लास्ट सीन और नैटफ्लिक्स वाच लिस्ट का विश्लेषण होता है.
अब शादी के गुण एक्सेल शीट में दिखते हैं और मंगलदोष की जगह आता है रैड फ्लैग अलर्ट बिहेवियरल टौक्सिसिटी डिटैक्टेड. अब ज्योतिष नहीं, डेटा-संयोग-शास्त्र का युग है.
कुंडली में चंद्रमा से ज्यादा वजन अब लिंक्डइन एंडोर्समैंट का है.
परस्पर फौलोअर्स की संख्या मैच की जाती है.
बच्चा पैदा होते ही कुंडली नहीं, एल्गोरिदमिक लाइफ प्रोजैक्शन बनता है- ‘‘2025 में जन्मा बच्चा 2057 में इंजीनियरिंग छोड़ेगा और 2061 में एआई स्टैंडअप कौमेडी करेगा.’’ पंडित नहीं पूछते, ‘‘कौन सा रंग शुभ है?’’ एआई पूछता है- ‘‘डार्क मोड औन करते हो?’’ राशिफल नहीं, अब जोमैटो और्डर हिस्ट्री से भविष्य देखा जाता है.
अब वरमाला से पहले बायोमैट्रिक व ओटीपी एक्सचेंज जरूरी है.
किसी की शादी सिर्फ इसलिए रुक गई क्योंकि उस का व्हाटसऐप लास्ट सीन संदिग्ध था. रिश्ते अब ‘7 जन्मों’ से नहीं, ‘7 जीबी डेटा शेयर’ से
टूटते हैं.
तलाक की दशा में एआई कहता है, ‘‘हम ने पहले ही चेताया था, लड़की की ब्राउजिंग हिस्ट्री में 12 बार हाउ टू गेट रिड औफ अ टौक्सिक पार्टनर सर्च हुआ.’’
डिजिटल कुंडली जिप फाइल के रूप में नहीं ब्लाकचेन इनक्रिप्टेड एनएफटी होती है. पंडित अब शंख नहीं, पेनड्राइव लाते हैं. कुछ गूगल ड्राइव लिंक भेजते हैं. पुराने जमाने की कुंडली को तो कुंडली मार कर कहीं दूर कोने में बैठने के लिए विवश कर दिया गया है. Hindi Satire Story :





