Hindi Stories: प्रेम अब खत में नहीं, चैटबौक्स में होता है. पहले खत लिखने में आधा दिन गुजर जाता था और आधा साल गुजर जाता था ’आई लव यू’ कहने में. अब तो आई लव यू एक सप्ताह भी इंतजार नहीं कर सकता. वो भी कौपीपेस्ट कर भेजा जाता है और कई बार गलती से किसी और को भी चला जाता है.
नजरों से दिल तक का रास्ता अब डेटापैक से हो कर गुजरता है. इश्क अब दिल से नहीं, अंगूठे से जन्म लेता है. बातें आंखों से नहीं, इमोजी से होती हैं. जिस प्रेम के लिए कवि पपीहा चकोर व चांद का सहारा लेता था, आज वही प्रेम ‘टिंडर’ पर राइट स्वाइप (मैं इच्छुक हूं) कर के तय हो रहा है.
पहले प्यार में इत्तेफाक होता था, अब लोकेशन औन होती है. पहले रोमांस ‘मंदिर जाने के बहाने तुम से मिलने आई’ या छत से इशारे, पनवाड़ी के यहां नोट भेज कर होता था, अब ‘नीयरबाई मैचेस फाउंड’ से होता है. लड़की की लोकेशन गूगल मैप पर ट्रैक हो जाती है, मुलाकात का समय इंस्टा स्टोरी से पता चलता है. पहले खत में गुलाब सूख जाता था अब चैट में बैटरी सूख जाती है. पहले मिलते वक्त दिल धड़कता था, अब मोबाइल का नोटिफिकेशन धड़काता है.
बीते जमाने के प्रेम में इंतजार का मजा होता था कि तुम मु?ो इतना मत सताया करो. अब 10 मिनट रिप्लाई न आए तो ब्लौक कर ‘भाड़ में जा’ कहते हैं. पहले तसवीर देखने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, अब गुडमौर्निंग के साथ ही चार सैल्फी आ जाती हैं. पहले प्रेम आत्मीय व गोपनीय होता था, अब इंटरनैटीय व ओपनीय होता है. व्हाट्सऐप समूह में लाइव अपडेट देते हैं कि- भाई, वो आ गई है, हम कैफे में बैठे हैं. भाई, उस ने अभी कौफी की पहली चुस्की ली.
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