Argentina History: मुट्ठीभर ताकतवर लोग मिल कर कैसे एक समाज को तबाही के कगार पर खड़ा कर सकते हैं, इस को अर्जेंटीना के आदिवासी समाज के इतिहास से बखूबी समझ जा सकता है. सोचीसमझ साजिश के तहत स्पेनिश लोगों ने अर्जेंटिना के आदिवासियों की खुशहाली छीनी, उन के कल्चर को बरबाद किया और उन्हें बरबादी की कगार पर ला खड़ा कर दिया. यह सब कैसे किया गया, आइए जानते हैं.
दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना में
इंसानी बस्तियां 13,000 साल पहले बसनी शुरू हुई थीं और 1500 ईसवी तक वहां कई जनजातियां बस चुकी थीं. 16वीं सदी में स्पेनिश और दूसरे यूरोपियनों के आने से पहले तक अर्जेंटीना के ये मूलनिवासी अपनेअपने कल्चर और भाषा के साथ वहां बसे हुए थे. खेती, शिकार, पशुपालन और मछली पकड़ना पेशा था उन का. इलाका समृद्ध था, इसलिए संसाधनों के नाम पर अलगअलग जनाजतियों के बीच लड़ाइयां कम ही होती थीं.
1516 में स्पेन से जुआन डियाज डे सोलिस पहली बार अर्जेंटीना आया और उस ने वहां अपार संभावनाएं देखीं. दो दशकों में ही स्पेनिश कालोनी बसनी शुरू हो गई और ढाई सौ सालों में यह देश पूरी तरह स्पेन के कब्जे में आ गया. 1776 में स्पेन ने वाइस रौयल्टी औफ द रियो डे ला प्लाटा स्थापित की और इस तरह यह पूरा देश स्पेनिश कालोनी बन गया.
उस दौरान अर्जेंटीना के आदिवासी लोगों को मजदूर और गुलाम बनाया गया. उन्हें जबरन सेना में भरती किया गया और उन्हें व्यर्थ की लड़ाइयों में मरने को छोड़ दिया गया. नतीजतन, मूल निवासियों की संख्या तेजी से घटी. कैथोलिक चर्च के प्रेम का लबादा ओढ़ने वालों ने बाइबिल एक हाथ में रखी और गन दूसरे हाथ में और भाले वाले मूल निवासियों पर वे पूरी तरह हावी हो गए.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन





