Story In Hindi : मिहिरऔर दीप्ति की शादी को 2 साल हो गए थे, दोनों बेहद खुश थे. अभी वे नई शादी की खुमारी से उभर ही रहे थे कि मिहिर को कैलिफोर्निया की एक कंपनी में 5 सालों के लिए नियुक्ति मिल गई. दोनों ने खुशीखुशी इस बदलाव को स्वीकार कर लिया और फिर कैलिफोर्निया पहुंच गए.

दीप्ति को शुरूशुरू में बहुत अच्छा लगा. सब काम अपने आप करना, किसी तीसरे का आसपास न होना... सुबह उठ कर चाय के साथ ही वह नाश्ता और लंच बना लेती. फिर जैसे ही मिहिर दफ्तर जाता वह बरतन साफ कर लेती. बिस्तर ठीक कर के नहाधो लेती, इस के बाद सारा दिन अपना. अकेले बाजार जाना और पार्क के चक्कर लगाना, यही उस का नियम था. अब वह पैंट, स्कर्ट और स्लीवलैस कमीज पहनती तो अपनी तसवीरें फेसबुक पर जरूर डालती और पूरा दिन फेसबुक पर चैक करती रहती कि किस ने उसे लाइक या कमैंट किया है. 100-200 लाइक्स देख कर अपने जीवन के  इस आधुनिक बदलाव से निहाल हो उठती.

मगर यह जिंदगी भी चंद दिनों तक ही मजेदार लगती है. कुछ ही दिनों में यही रूटीन वाली जिंदगी उबाऊ हो जाती है, क्योंकि इस में हासिल करने को कुछ नहीं होता. दीप्ति के साथ भी ऐसा ही हुआ, फिर उस ने कुछ देशी लोगों से भी दोस्ती कर ली.

अब भारतीय तो हर जगह होते हैं और फिर इस अपरिचित ातावरण में परिचय की गांठ लगाना कौन सी बड़ी बात थी. घर के आसपास टहलते हुए ही काफी लोग मिल जाते हैं. दीप्ति ने उन्हीं लोगों के साथ मौल जाना, घूमनाफिरना शुरू कर दिया.

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