नेहा कुछ नहीं बोली, आंखों में उतर आए आंसुओं को बरबस रोकते हुए, उस के साथ औफिस की ओर चल दी.सगाई का दिन निर्धारित हो गया.
अनलिमिटेड कहानियां आर्टिकल पढ़ने के लिए आज ही सब्सक्राइब करेंSubscribe Now