Hindi Story: म्मीजी, आप कहीं जा रही हैं?’’
‘‘हां बेटा, हम सभी फ्रैंड्स ने मिल कर एक होटल में आज एक गेटटूगेदर रखा है. वहीं जा रही हूं. शाम
5 बजे तक वापस आ जाऊंगी. सौरी, आज लंच तुम लोगों के साथ नहीं कर पाऊंगी.’’
‘‘जी मम्मीजी, नो प्रौब्लम. हमारे साथ तो रोज ही करती हैं, जाइए, आज अपनी फ्रैंड्स के साथ कीजिए, आप को अच्छा लगेगा.’’ अनाया ने अपनी सासुमां शर्मीला से कह तो दिया पर मन ही मन सोचने लगी कि उसे और गौरव को भी तो एक संडे ही मिलता है आउटिंग के लिए. पूरा सप्ताह तो काम करतेकरते कैसे निकल जाता है, पता ही नहीं लगता. खैर, कोई नहीं. शाम को देखा जाएगा अगर मम्मीजी टाइम से आ गईं तो वे दोनों भी जा सकते हैं. यह सोच कर वह किचन में जा कर कंचन मेड के साथ खाना बनाने की तैयारी करने लगी.
किचन की खिड़की से कार के पीछे वाली सीट पर बैठी अपनी सास को जाते हुए देख कर उसे बड़ा अच्छा लगा. मम्मीजी खुद को इतना फिट रखती हैं, तभी तो 65 की उम्र में भी 50 से ज्यादा की नहीं लगतीं. स्टाइलिश बाल, करीने से बनी कमान जैसी सधी आईब्रो, गोरा रंग और उस पर नैचुरल ग्लो से दमकता चेहरा, होंठों पर सुर्ख लाल लिपस्टिक, करीने से बंधी सिल्क की साड़ी, अपनी कम हाइट को हाईहील सैंडल्स से बैलेंस कर के गूची का ब्रैंडेड पर्स टांग कर मम्मीजी जब निकलती हैं तो मानो हर तरफ कयामत आ जाएगी.
उसे याद है जब उसे देखने गौरव अपने मम्मीपापा के साथ आए थे. उस के परिवार के प्रत्येक सदस्य की नजर बस उस की सास पर ही थी. छोटे भाई ने उसे छेड़ते हुए कहा था,
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