ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के पांढरकवाड़ा जंगल में खौफ का दूसरा नाम बन चुकी एक बाघिन टी-1 की खोज के लिए मशहूर गोल्फर और डाग ट्रेनर ज्योति रंधावा को दिल्ली से बुलाया गया था.

तब पांढरकवाड़ा के चीफ कन्जर्वेटर औफ फौरेस्ट ए.के. मिश्रा ने बताया था कि उस बाघिन की तलाश के लिए एक खास टीम बनाई गई है जिसे गोल्फर और डाग ट्रेनर ज्योति रंधावा लीड करेंगे.

वैसे, ज्योति रंधावा एक और वजह से भी जाने जाते हैं. वे खूबसूरत हीरोइन चित्रांगदा सिंह के पति भी रह चुके हैं और अब जिन सुर्ख़ियों से चर्चा में हैं उन से उन की इमेज को बड़ा धक्का लगा है. दरअसल, उन्हें शिकार के मामले में एक साथी महेश विराजदार के साथ उत्तर प्रदेश के मोतीपुर रेंज के कतर्नियाघाट इलाके से गिरफ्तार किया गया है. उन दोनों के पास से शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार, जंगली जानवर की खाल और जंगली मुर्गा भी बरामद हुआ है.

दरअसल, कतर्निया जंगल के मोतीपुर वन क्षेत्र की खपरा वन चौकी के नजदीक जंगल के पास महकमे की एक टीम ने बुधवार, 26 दिसंबर को एक गाड़ी (एचआर 26 डीएन 4299) को जंगल से गुजरते देखा. शक के आधार पर जब जंगल कर्मियों की टीम ने उस गाड़ी की तलाशी ली तो उस में 2 शिकारियों को असलहा व जंगली जानवरों की खाल के साथ दबोचा गया.

पूछताछ में उन दोनों संदिग्धों की पहचान गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा और आर्मी में कैप्टन रह चुके महेश विराजदार के रूप में हुई.

गाड़ी की जांच करने पर उस में से सूअर की खाल, एक मरा हुआ जंगली मुर्गा, .22 राइफल ब्लेसर जर्मनी, 3 खाली कारतूस, 80 जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, बैनाकूलर एचडी दूरबीन, रेंज फाइंडर, 2 मोबाइल सर्चलाइट टोर्च व 36,200 रूपए बरामद किए गए.

किसी इंटरनैशनल लैवल के खिलाड़ी का इस तरह की गैरकानूनी हरकतों में शामिल होना खेल जगत को भी शर्मिंदा करता है. ऐसा नहीं है कि ज्योति रंधावा किसी गरीब परिवार से हैं और किसी मजबूरी के तहत इस तरह के कामों को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि यह एक हाईप्रोफाइल मामला है जिस की तह में जा कर ही पता चलेगा कि इस खेल का असली खिलाड़ी कौन है.

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