औस्ट्रेलिया में हुई लंबी छुट्टियों का असर मेलबर्न में चल रहे तीसरे क्रिकेट मैच पर भी दिखा. जब भारत ने टास जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल मैदान पर उतरे तो स्टेडियम में आई भारी भीड़ देख कर उन का तो मानो दिन ही बन गया.

क्रिसमस डे के अगले दिन 26 दिसंबर को शुरू हुए इस बौक्सिंग डे मैच में मयंक अग्रवाल अपना डेब्यू मैच खेल रहे थे. दरअसल, दुनिया के तमाम देशों में 25 दिसंबर क्रिसमस डे के अगले दिन यानी 26 दिसंबर को बौक्सिंग डे मनाया जाता है. इस दिन जब लोग अपने दोस्तों व परिवार वालों से मिलते हैं तो उन्हें बौक्स में गिफ्ट पैक कर के देते हैं.

दुनिया के कुछ हिस्सों में इसे शौपिंग से जोड़ कर भी देखा जाता है और क्रिसमस के अगले दिन लोग शौपिंग करते हैं. औस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड में लोग इस दिन छुट्टी का लुत्फ उठाते हैं और अपने दोस्तों व परिवार के साथ समय बिताते हैं.

स्टेडियम में आई इतनी भीड़ के सामने मयंक अग्रवाल ने अपनी टीम को निराश नहीं किया और उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को भी जायज ठहरा दिया.

मयंक अग्रवाल ने मेलबर्न टेस्ट मैच में हनुमा विहारी के साथ पारी की शुरुआत की. हनुमा विहारी के जल्दी आउट होने पर भी उन्होंने अपना आपा नहीं खोया और 161 गेंद खेल कर 76 रन बनाए. उन्होंने लंच के बाद नाथन लायन की गेंद पर चौका लगा कर अपनी हाफ सेंचुरी पूरी करने के साथ ही एक इतिहास रच दिया.

वजह, मयंक अग्रवाल अपने डेब्यू पर औस्ट्रेलिया में हाफ सेंचुरी लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए. उन से पहले सिर्फ दत्तात्रेय गजानन (दत्तू) फाडकर ने भारत के 1947-48 के औस्ट्रेलिया दौरे पर सिडनी में अपने डेब्यू पर 51 रनों की पारी खेली थी.

डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में हाफ सेंचुरी लगाने वाले मयंक अग्रवाल दूसरे भारतीय हैं. पृथ्वी शौ वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 से ज्यादा के स्कोर पर पहुंचे थे.

16 फरवरी, 1991 को बेंगलुरु, कर्नाटक में जन्मे मयंक अग्रवाल ने अपने खेले गए 46 फर्स्ट क्लास मैचों में 49.98 की औसत से 3599 रन बनाए हैं. उन्होंने जिस तरह से अपने पहले टैस्ट मैच में अच्छी शुरुआत की है, उसे आगे भी बरकरार रखें, ताकि टीम में परमानेंट जगह बना सकें.

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