जब से सोवियत संघ टूटा है तब से अमेरिका के साथसाथ चीन ने भी हर क्षेत्र में अपनी जगह मजबूती से बनाई है. खेलों में तो इस देश ने जबरदस्त कामयाबी पाई है. वैसे, चीन के एथलीट अपने शांत स्वभाव के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. वे खुद को अपने तक सीमित रखते हैं और जब तक प्रोटोकौल के तहत जरूरी नहीं रहता, तब तक बमुश्किल ही गैर चीनी लोगों से बात करते हैं. पर मेहनती इतने हैं कि कम उम्र में ही बड़े से बड़े खेल इवेंट में मेडल जीत लेते हैं.

लेकिन हिंदी फिल्म ‘दंगल’ की कामयाबी के बाद चीन में भी हालात बदलने लगे हैं. कम से कम कुश्ती में तो यह बात बिलकुल सही कही जा सकती है.

हरियाणा के देशी पहलवान रह चुके महावीर फोगाट द्वारा अपनी बेटियों गीता और बबिता को विश्व स्तरीय पहलवान बनाने के लिए किए गए संघर्ष की कहानी जब हिंदी फिल्म ‘दंगल’ में दिखाई गई तो चीन के लोगों को वह बहुत पसंद आई. जब यह फिल्म चीन में रिलीज की गई तो इस ने वहां 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया.

इस लोकप्रियता को भुनाने के लिए चीनी रेसलिंग एसोसिएशन ने भारतीय रेसलिंग फेडरेशन से गुहार लगाई है कि चीन अगले साल फरवरी महीने में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन कर रहा है और इस सिलसिले में वह बौलीवुड के सुपरस्टार और ‘दंगल’ फिल्म के हीरो आमिर खान की अपने यहां देखने को उत्सुक है.

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के तकनीकी आयोग तथा एशियन एसोसिएटिड रेसलिंग कौंसिल के सदस्य झेंग यी ने आमिर से चीन का दौरा करने के लिए कम से कम 2 बार आग्रह किया है. इस संबंध में रेसलिंग फेडरेशन औफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने झेंग यी को आश्वासन दिया है कि वे इस चैंपियनशिप के दौरान आमिर खान को चीन का दौरा करवाने के लिए हरमुमकिन कोशिश करेंगे.

उन्होंने आगे कहा कि इतना ही नहीं चीनी कुश्ती संघ ने यह भी जानना चाहा है कि क्या फोगाट बहनें इस चैंपियनशिप में भारतीय दल में शामिल रहेंगी? इस पर हम ने उन्हें बता दिया है कि भारत में टीम चयन के लिए ट्रायल सिस्टम से गुजरना होता है और फोगाट बहनें अगर ट्रायल में सफल रहती हैं तो वे निश्चित तौर पर चीन आएंगी.

अब देखते हैं कि चीनियों की यह ख्वाहिश पूरी होती है या नहीं.

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