लगभग दस दिन पहले रांची (झारखंड) के एक प्राइवेट अस्पताल में एक 53-वर्षीय रोगी के पार्थिव शरीर को दो घंटे से भी अधिक रोक कर रखा गया ; क्योंकि उसके परिजनों ने इलाज के बिल की आंशिक अदायगी नहीं की थी | मुंबई (महाराष्ट्र) के पवई स्थित एक अस्पताल ने एक 62-वर्षीय रिक्शा चालक के पार्थिव शरीर को रिलीज़ करने से इंकार कर दिया था ; क्योंकि बिल का पेमेंट नहीं हुआ था | इन दोनों ही मामलों में स्थानीय नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा तब जाकर शवों को उनसे संबंधित लोगों को सौंपा जा सका |

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