Social Media Addiction: लाइक्स और फौलोअर्स की इस दुनिया में लड़कियां धीरेधीरे खुद को खोती जा रही हैं. एक तसवीर पर कम आए लाइक्स, किसी कमेंट में छिपी आलोचना- ये सब मिल कर मानसिक दबाव का ऐसा जाल बुनते हैं, जिस से निकल पाना आसान नहीं होता. दिखावे की इस चमकदार दुनिया की कीमत कई बार जिंदगी से चुकानी पड़ रही है.
आ ज के समय हर लड़की सोशल मीडिया की जद में है. एक परफैक्ट फोटो, फिल्टर लगा चेहरा, लाइक्स की भूख और कमैंट्स आदि सब लड़कियों को कुछ पल की खुशी तो देते हैं लेकिन कई बार अंदर से उन के आत्मसम्मान को चूरचूर भी कर देते हैं. यही वजह है कि हाल के वर्षों में लड़कियों में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़े हैं और इस का एक बड़ा कारण सोशल मीडिया की लत ही है.
राष्ट्रीय अपराध रिकौर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत में कुल 1,71,418 आत्महत्याएं दर्ज की गईं. इन में छात्रों की संख्या रिकौर्ड 13,892 थी. इस में पिछले एक दशक में 65 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. युवाओं की आत्महत्याओं में लड़कियों की तादाद चिंताजनक रूप से बढ़ रही है.
18 से 29 साल की लड़कियां सोशल मीडिया से सब से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं जिस से उन में आत्महत्या की दर बढ़ती जा रही है. जहां दोस्ती सोशल मीडिया प्रोफाइल्स तक सीमित हो गई है वहां आत्महत्या के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. युवा लड़कियां फेसबुक, इंस्टाग्राम, रील्स और औनलाइन गेमिंग की दुनिया में इतना खो जाती हैं कि असल जिंदगी उन के लिए बोझ बन जाती है.
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