'अरे मोनू बेटा, सिर्फ मेहनत से पढ़ाई करना और कंपीटिशन निकाल लेने भर से काम नहीं चलेगा, तुम्हारा सेलैक्शन तो तब होगा जब उस के लिए तुम्हारी पर्सनैलिटी भी होगी'

'क्या मतलब अंकल ?'

'बेटा, तुम ने आईएएसपीसीएस अधिकारियों को देखा है, कैसे फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलते हैं. उन के उठनेबैठने में, पहनावे में कितनी शान होती है. चेहरे पर रोब, आंखों में विजयी चमक और आवाज़ में खनक होती है.ये सब सिर्फ किताबें पढ़ लेने से थोड़ी न आ जाती है. इस के लिए अलग क्लास लेनी होती है. पढ़ाई और पर्सनैलिटी के मेल से ही बनते हैं अधिकारी, समझे?'

Digital Plans
Print + Digital Plans
Tags:
COMMENT