देश के किसी भी हिस्से में जाएं तो चौड़ी, चिकनी सड़कों के किनारे जैसे ही कोई छोटा शहर, कसबा या गांव आता है, वहां पर बहुत सारी चीजें बिकती नजर आती हैं. इन में ज्यादातर हिस्सा उन चीजों का होता है, जो वहां के लोकल यानी स्थानीय फल या खानेपीने की होती हैं. भुने हुए आलू, शकरकंद, नारियल पानी, मेवा और दूसरी बहुत सी चीजें यहां मिल जाती हैं. यहां बात बेचने वाली औरतों से जुड़ी हैं. ये औरतें इस तरह के काम कर के अपने घर का खर्च चलाती हैं.

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