अपने नाम के मुताबिक सलोनी वाकई सलोनी है. 14 वर्षीया इस किशोरी का मासूम चेहरा देख बीती 30 नवंबर के पहले तक कोई और तो क्या, उस के साथ पढ़ने वाले बच्चे भी अंदाजा नहीं लगा पाते थे कि वह कितने बड़ेबड़े तूफानों से जूझ रही है.

बोलती सी आंखों वाली सलोनी 30 नवंबर को स्कूल से लौटते वक्त रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी. हैरानी की बात यह भी थी कि उस के घर 55-बी, साकेत नगर, भोपाल से उस का लिटिल फ्लौवर स्कूल महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. स्कूल की छुट्टी होने के बाद काफी देर तक सलोनी घर नहीं पहुंची तो उस के दादा एस के सिन्हा स्कूल जा पहुंचे.

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