आनंद खत्री का नाम पूरे कानपुर क्या देश भर के कारोबारी लोगों के बीच जानापहचाना है. उन की कई पीढि़यां कपड़ा कारोबार से जुड़ी रही हैं. कपड़ा व्यापार के साथ आनंद ने होटल और रियल एस्टेट का बिजनैस भी शुरू कर दिया था.

बीती 16 जनवरी की सुबह जब आनंद के सभी ठिकानों पर पुलिस की टीम के साथ आयकर और रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने छापेमारी की तो पूरा कानपुर सकते में रह गया. शहर भर में यह बात तेजी से फैली.

हर आदमी यही सोच रहा था कि ऐसा क्या हो गया, जिस से आनंद खत्री के यहां पुलिस ने इतनी बड़ी काररवाई की है. कानपुर वासियों की आंखें तब खुली की खुली  रह गईं, जब उन्हें पता चला कि आनंद खत्री के यहां से 97 करोड़ की पुरानी करेंसी वाले नोट मिले हैं. पुलिस ने जब गाडि़यों में बक्से लादने शुरू किए तो छापे का सच सामने आ गया.

नोटबंदी के एक साल बाद उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कानपुर में 97 करोड़ की पुरानी करेंसी मिलना आश्चर्य की बात थी, क्योंकि पूरे देश में इतनी बड़ी संख्या में पुराने नोट बरामद होने का यह पहला मामला था.

नोटबंदी लागू होने के दिन 500 रुपए के 1716.6 करोड़ नोट और 1 हजार के 8 करोड़ नोट बाजार में थे. इस तरह से 15.44 लाख करोड़ के नोट प्रचलन में थे. इन में से 15.28 लाख करोड़ के नोट रिजर्व बैंक के पास वापस आ गए पर करीब 1 फीसदी नोट वापस नहीं आए. मतलब 16050 करोड़ रुपए के हजार और 5 सौ के नोट वापस नहीं आए.

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