निजी सैक्टर में भवन निर्माण, कूरियर सेवाएं, स्कूल, अस्पताल और बस की सेवाएं अपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही हैं. बावजूद इस के सरकार रेल को निजी सैक्टर में देने की शुरुआत कर रही है. रेलवे का निजीकरण किसी भी तरह से लाभ का सौदा नहीं होगा. रेलवे में स्टेशन से ले कर ट्रेनों में खानपान और कंबलचादर तक का काम निजी सैक्टर के हाथों में है.

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