शिकागो में संपन्न हुए विश्व हिंदू सम्मेलन में वही परंपरागत बातें हुईं जो हिंदू धर्म के उद्भव से होती रही हैं कि हिंदू धर्म में बड़ी फूट है, इसे विश्व कल्याण के लिए एकता के सूत्र में पिरोया जाना जरूरी है. यह किसी ने नहीं कहा कि हजारों जातियों में बंटे हिंदुओं की भीड़ में असली हिंदू कौन है और हिंदू को हिंदू होने के सर्टिफिकेट बांटने के अधिकार किसे और क्यों हैं और उस के मानक क्या हैं.

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