Child Trafficking: बहुत प्यारी लग रही हो, तुम तो एकदम मॉडल हो, DM करो, ब्रांड शूट दिलवाता हूं. इंस्टाग्राम पर रील बना रही 13-14 साल की लड़कियों के कमेंट सेक्शन में ये लाइनें अब आम हैं. कमेंट सेक्शन में तारीफ के साथ एक लिंक, एक डीएम और एक सपना छोड़ा जाता है और इसी सपने के पीछे खड़ा होता है एक बहुत संगठित गिरोह जो लड़कियों को शोशल मीडिया से उठाकर प्रोस्टिट्यूशन के दलदल में ले जाता है.
आज सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, नाबालिग लड़कियों को फंसाने का सबसे बड़ा टूल बन गया है. ऑनलाइन फेमस होने का जुनून तस्करों के लिए बच्चों को निशाना बनाने का सबसे आसान जरिया बन चुका है और इसके पीछे एक पूरा रैकेट काम पर लगा है. इस रैकेट का पहला स्टेप है ग्रूमिंग यानी दोस्ती का नाटक. टैलेंट मैनेजर, मॉडलिंग एजेंसी, म्यूजिक प्रोडूसर जैसे नामों से लोग फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं.
अपनी बायो में लाखों फॉलोअर का स्क्रीनशॉट लगाते हैं फिर शुरू होता है तारीफ खेल. आपकी आंखें कमाल की हैं, आपमें स्टार वाली बात है, मैं आपको वायरल करवा दूंगा. 14 साल की किसी लड़की को जिसे घर में डांट पड़ती है और स्कूल में इग्नोर किया जाता है उसे पहली बार खास कोई खास फील कराये तो वह इग्नोर नहीं कर पाती और फंस जाती है.
NCRB के डेटा के मुताबिक 2022 में भारत में अपहरण और मानव तस्करी के 45,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए. इनमें से 60 फीसदी से ज्यादा पीड़ित 18 साल से कम की लड़कियां थीं और सबसे डराने वाली बात यह है कि इनमें से 40 फीसदी केस में आरोपी लड़की का ऑनलाइन दोस्त ही था.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
- देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
- 7000 से ज्यादा कहानियां
- समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
- 24 प्रिंट मैगजीन





