अमेजन के जंगल में आग लगे एक पखवाड़ा बीत गया. अभी तक हजारों जीव जन्तु आग में खाक हो चुके हैं लेकिन ये ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पहले भी कई बार अमेजन के जंगलों में आग लग चुकी है लेकिन ऐसा बार-बार क्यों होता है. इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और सहेजने के लिए अभी से कड़े कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले कुछ सालों में इसके भयानक परिणाम देखने को मिलेंगे. दुनिया का फेफड़ा कहे जाने वाले अमेजन के जंगल में लगी आग और ग्लोबल वर्मिंग की वजह से पिघल रहे ग्लेशियर इस चिंता को और भी बढ़ा रहे हैं.

कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक में अमेजन के जंगलों में पहली बार इतनी भीषण आग लगी है. देश के उत्तरी राज्य रोरैमा, एक्रे, रोंडोनिया और अमेजोनास इस आग से बुरी तरह प्रभावित हैं. दावा है कि हर मिनट एक फुटबौल मैदान के बराबर जंगल काटे जा रहे हैं. जनवरी में ब्राजील के नए राष्ट्रपति के तौर पर जेयर बोलसोनारो ने सत्ता संभाली थी तब से जंगलों के काटे जाने की घटनाएं तेज़ी से बढ़ी हैं.

धरती को 20 फीसदी औक्सीजन ब्राजील के वर्षावनों से मिलती है. हालांकि, सोशल मीडिया पर हैशटैग #PrayforAmazonas से आग की जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं उनमें से कुछ दशकों पुरानी हैं या वो ब्राजील की हैं भी नहीं. ब्राजील की अंतरिक्ष एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि अमेजन के वर्षा वन में इस साल रिकौर्ड आग की घटनाएं हुई हैं.

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नेशनल इंस्टीट्यूट फौर स्पेस रिसर्च (इनपे) ने अपने सैटेलाइट आंकड़ों में दिखाया है कि 2018 के मुकाबले इसी दरम्यान आग की घटनाओं में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल के शुरुआती आठ महीने में ब्राज़ील के जंगलों में आग की 75,000 घटनाएं हुईं. साल 2013 के बाद ये रिकौर्ड है. साल 2018 में आग की कुल 39,759 घटनाएं हुई थीं.

जुलाई से अक्टूबर के बीच सूखे मौसम में ब्राज़ील के जंगलों में आग की घटनाएं होना आम बात हैं. यहां प्राकृतिक कारणों से भी आग लगती है लेकिन साथ ही किसान और लकड़ी काटने वाले भी आग लगाते हैं. पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की पर्यावरण विरोधी बयानबाजियों के चलते जंगल साफ़ करने की गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है.

पर्यावरण को लेकर लंबे समय से संशय रखने वाले जेयर बोलसोनारो ने गैर सरकार संस्थाओं (एनजीओ) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए खुद ही जंगलों में आग लगाई है. बाद में उन्होंने कहा कि आग को काबू करने में सरकार के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार आग की घटनाओं में रोराइमा में 141%, एक्रे में 138%, रोंडोनिया में 115% और अमेज़ोनास में 81% वृद्धि हुई है. जबकि दक्षिण में मोटो ग्रोसो डूो सूल में आग की घटनाएं 114% बढ़ी हैं.आग से बड़े पैमाने पर कार्बन डाई औक्साइड पैदा हो रहा है और कैम्स के अनुसार, इस साल अभी तक 228 मेगाटन के बराबर कार्बन डाई औक्साइड पैदा हुई, जोकि 2010 के बाद सर्वाधिक है.

अब सवाल ये उठता है कि बार-बार आग लगती क्यों है. ऐसा कहा जाता है कि मवेशियों के चरने के लिए जमीन को साफ करने के मकसद से चरवाहों और लकड़हारों द्वारा अमेजन वर्षावनों में लगाए जाने की आशंका जताई जा रही हैं. ब्राजील के पौप्युलिस्ट प्रो बिजनेस राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो का साथ भी इन लोगों को मिला हुआ है.

ब्राजील के जंगलों में लगी आग पर बोल्सोनारो दावा कर रहे हैं कि ये भीषण आग एनजीओ द्वारा उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से लगाई गई है. इन दो कयासों के बीच ब्राजील का बीफ मार्केट एक ऐसा मुद्दा है जो चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां बीफ ब्राजील के किसानों के लिए व्यापार का मसला है तो वहीं दुनिया इसे डर भरी नजरों से देख रही है. साथ ही दुनिया को 20 प्रतिशत औक्सीजन देने वाले जंगलों को बचाने के लिए कम बीफ खाने की अपील कर रही है.

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट औफ एग्रीकल्चर (USDA) की एक स्टडी से इसका कुछ और ही मतलब निकलता है. रिसर्च के मुताबिक ब्राजील दुनिया का सबसे बड़ा बीफ निर्यातक है, जो कुल वैश्विक निर्यात का 20 प्रतिशत है. आने वाले वर्षों में इसके और बढ़ने की संभावना है. ब्राजील की 30 से ज्यादा मांस पैकिंग कंपनियों के संगठन ब्राजील बीफ एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (अबिक) के मुताबिक पिछले साल देश ने 1.64 मिलियन टन बीफ की शिपिंग की है, जो कि ब्राजील के इतिहास में सबसे ज्यादा है.

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ब्राजील के बीफ उद्योग में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है एशिया की मजबूत मांग. जो कि ज्यादातर चीन और हौन्ग-कौन्ग से है. USDA के मुताबिक ब्राजील से साल 2018 में निर्यात होने वाले पूरे बीफ का 44 प्रतिशत सिर्फ इन दोनों देशों में ही गया.

साऊथ अमेरिका के कुछ देशों और यूरोपीय संघ के बीच जून में एक व्यापार सौदा हुआ था, जिससे ब्राजील के बीफ-पैकिंग उद्योग के लिए और भी ज्यादा बाजार खुल सकते हैं. एग्रिमेंट होने के बाद, अबीक के प्रमुख एंटोनियो कैमार्डेली ने कहा कि ये एग्रिमेंट EU की तरह मौजूदा भागीदारों के साथ बिक्री को बढ़ावा देते हुए, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे संभावित नए बाजारों तक पहुंच प्राप्त करने में ब्राजील की मदद कर सकता है.

और्गनाइजेशन फौर इकोनौमिक को-औपरेशन एंड डेवलपमेंट (OECD) के अनुसार, यह सौदा हो या न हो लेकिन फिर भी ब्राजील बीफ उद्योग को प्राकृतिक संसाधनों, घास की उपलब्धता और वैश्विक मांग के आधार पर विस्तार जारी रखने का अनुमान है. और इस वृद्धि की कीमत पर्यावरण को देनी होगी.

ब्राजील के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (INPE) ने इस सप्ताह कहा कि ब्राजील में आग की संख्या पिछले साल की तुलना में 80 प्रतिशत ज्यादा है. उन्होंने बताया कि ये आपदा अमेजन के आधे से ज्यादा क्षेत्र में है. अगर दुनिया के फेंफड़े कहलाए जाने वाले अमेजन को बचाने के लिए कम मीट खाना कोई ठोस वजह नहीं है तो बीफ द्वारा उत्सर्जित की जाने वाली ग्रीन हाउस गैस शायद एक और बड़ी वजह हो सकती है.

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UN इंटरगवर्नमेंटल पैनल औन क्लाइमेट चेंज (IPCC) की रिपोर्ट में पिछले साल जारी की गई एक खतरनाक रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल टेंपरेचर को 2 डिग्री बढ़ने से रोकने के लक्ष्य को हासिल करने में 20 प्रतिशत तक योगदान हम अपनी डाइट को बदलने मात्र से कर सकते हैं.

इन चेतावनीयों के बाद भी OECD और FAQ जैसी वैश्विक संस्थाओं ने दावा किया है कि बीफ की वैश्विक खपत अगले दशक में बढ़ने वाली है. एक संयुक्त रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक उत्पादन 2017 और 2027 के बीच मांग को पूरा करने के लिए 16 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा. जिसमें बड़ा हाथ ब्राजील का होगा.

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