38 साल की मानुषी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है. घर में पति, सासससुर और 2 बच्चे हैं. नवरात्रि से एक दिन पहले उस की तबीयत ठीक नहीं थी. सो वह सुबह ऑफिस नहीं गई. पैर में भी चोट लग गई थी. शाम में उस ने पति को जल्दी घर बुला लिया क्योंकि नवरात्रि की पूजा के लिए सामान लाने जाना भी जरूरी था. पति के स्कूटर पर बैठ कर वह किसी तरह बाजार पहुंची. बहुत सारा सामान खरीदना था. पूजा की सारी सामग्री, नए कपड़े और फिर व्रत का सारा सामान. सब कुछ लेतेलेते रात के 9 बज गए.

Tags:
COMMENT