असम में नागरिकता को ले कर चल रहे विवादों में सैकड़ों परिवारों को अधर में लटका दिया गया है. गृहमंत्री अमित शाह चाहे चिल्लाते रहें कि वे एक भी विदेशी को भारत की भूमि पर नहीं रहने देंगे, सरकार कहती रहे कि भारत शरणार्थियों का देश नहीं बनेगा, पर यह पक्का है कि आदमियों, औरतों और बच्चों को जानवरों की तरह न हांका जा सकता है, न हिटलर के तानाशाही कारनामों की तरह गैस चैंबरों में ठूंसा जा सकता है.

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