कुदरत को चुनौती: भाग 1

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दोनों की दोस्ती गहराने लगी. चूंकि दलजीत का मकसद केवल किसी पुरुष द्वारा देहसुख पाना था, सो वह सीधा अपने मुद्दे पर आ गई और उन की मुलाकातें अमृतसर के होटलों के बंद कमरों में होने लगीं.

बाद में जब उन का रिश्ता काफी गहरा गया तो हरकृष्ण उसे अपने घर पर ले जाने लगा था. उस ने अपनी पत्नी और बच्चों को भी बता दिया था कि दलजीत कौर उस की प्रेमिका है. अपने प्रेमी हरकृष्ण से मिलने वह गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब माथा टेकने के बहाने अमृतसर जाती थी. इस धार्मिक भावना के चलते जसबीर भी कोई ऐतराज नहीं करता था.

लेकिन जब दलजीत सप्ताह में 2-3 बार जाने लगी तो जसबीर को उस पर कुछ शक हुआ. पर वह बोला कुछ नहीं बल्कि उस ने पत्नी पर नजर रखनी शुरू कर दी. दलजीत इतनी चालाक थी कि उस ने 2 सिम कार्ड जगराओं से खरीदे थे, जिस में एक उस ने अपने पास रखा और दूसरा अपने प्रेमी हरकृष्ण को दे दिया था. जब दलजीत को हरकृष्ण से बात करनी होती थी तो वह नए वाले सिम का इस्तेमाल करती थी.

एक दिन मौका मिलने पर जसबीर ने उस का फोन चैक किया तो दूसरे सिम का भेद खुल गया. उस ने जब मामले की गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि उस की पत्नी के किसी दूसरे पुरुष से संबंध हैं.

उसी दिन से दोनों के बीच दरार पड़ गई. उन का एकदूसरे के प्रति मोहभंग हो गया. दलजीत किसी भी कीमत पर अपने प्रेमी को छोड़ना नहीं चाहती थी.

वह अपने पति से निजात पाना चाहती थी. इस बारे में एक दिन उस ने प्रेमी हरकृष्ण से साफ कह दिया, ‘‘देखो हरकृष्ण, अगर तुम मुझे चाहते हो तो तुम्हें मेरे पति जसबीर को रास्ते से हटाना होगा, वरना तुम मुझे भूल जाओ.’’

हरकृष्ण को दलजीत से देहसुख के साथ जेबखर्च भी मिलता था, इसलिए वह दलजीत की बात मानने के लिए तैयार हो गया. लेकिन उस ने यह भी कहा कि यह काम उस से अकेले से नहीं होगा. दलजीत ने कहा, ‘‘तुम आदमी तलाश करो, जितने पैसे खर्च होंगे, मैं दूंगी.’’

दलजीत कौर की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद हरकृष्ण ने जसबीर की हत्या के लिए सब से पहले अपने 20 वर्षीय बेटे हरिंदर सिंह उर्फ हन्नी को सारी बात बता कर इस काम के लिए तैयार किया. वैसे भी हरकृष्ण के दलजीत कौर के साथ संबंध की जानकारी उस की पत्नी और पूरे परिवार को थी.

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हरिंदर ने अपने साथ अपने एक दोस्त पलविंदर सिंह उर्फ पारस को पैसे का लालच दे कर हत्या के लिए राजी कर लिया. इतना ही नहीं, दलजीत से कुछ रुपए ले कर उसे पेशगी के रूप में दे भी दिए थे. अब समस्या यह थी कि वे किराए के हत्यारे जसबीर सिंह को और उस के घर को कैसे पहचानें?

इस बारे में जब हरकृष्ण ने दलजीत कौर से बात की और उसे बताया, ‘‘2 लड़के रात के समय तुम्हारे घर की तरफ आएंगे, लेकिन वे तुम्हारे घर की पहचान करेंगे कैसे?’’

तब दलजीत कौर ने उस दिन अपने पहने हुए कपड़ों का रंग हरकृष्ण को बताया और कहा कि वह अपने घर के बाहर बैठी होगी.

हरकृष्ण ने अपने बेटे हरिंदर सिंह को दलजीत का पता और फोन नंबर दे दिया था. साथ ही उस के द्वारा पहने हुए कपड़ों का रंग भी बता दिया था. दोनों आरोपी वहां पहुंच गए.

महिला के जिस रंग के कपड़े पहने होने की बात दोनों युवकों को बताई गई थी, उसी पहचान की औरत उन्हें एक दरवाजे पर बैठी दिखाई दी तो हरिंदर ने उस को इशारा कर दिया. दलजीत कौर ने भी हां में सिर हिला दिया. इस के बाद दोनों युवक दलजीत के घर की लोकेशन बाहर से देखने के बाद वहां से चले गए. फिर वे लोग रात को साढ़े 11 बजे दीवार फांद कर दलजीत के घर में दाखिल हो गए.

योजना के अनुसार, दलजीत कौर ने पहले ही रात के खाने में अपने पति जसबीर सिंह को नींद की गोलियां खिला दी थीं, जिस से काम आसानी से हो सके. युवकों ने घर में घुसते ही बैड पर सो रहे जसबीर सिंह पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमले कर उस की हत्या कर दी.

जसबीर सिंह का कत्ल करने के बाद लूट दिखाने के लिए दलजीत कौर ने खुद ही हत्यारों को अलमारी की चाबियां सौंप दीं और बता दिया कि पैसे कहां हैं. बदमाशों ने अलमारी में रखे करीब 2 लाख रुपए निकाल कर कमरे के अंदर कपड़े आदि बिखेर दिए.

इस के बाद दलजीत कौर के दोनों बाजुओं पर चाकू से हलके घाव कर दिए, जिस से यह लगे कि उसे भी घायल किया गया है. जाते समय वे दलजीत कौर को उसी की मरजी से कुरसी से बांध कर चले गए थे.

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दिन निकलने पर उस ने अपने बेटे को जगा कर पड़ोसियों को बुलाने के लिए भेजा और पड़ोसियों के आने से पहले फर्श पर बहाना कर लेट गई थी.

दलजीत कौर का प्रेमी हरकृष्ण सिंह और उस के भेजे हुए सुपारी किलर पुलिस की गिरफ्त से अभी दूर हैं. सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लग गई थी और बाद में यही फुटेज पुलिस को कातिलों तक पहुंचाने में मददगार साबित हुई. 2 विभिन्न फुटेज में आरोपी जसबीर के घर में बाहरी दीवार फांद कर अंदर जाते नजर आ रहे थे. इस के करीब एक घंटे बाद वे उसी दीवार से बाहर आते दिखाई दिए.

जबकि एक अन्य फुटेज में उन दोनों के चेहरे साफ नजर आ रहे थे, जिन में एक युवक के सिर पर पगड़ी बंधी हुई थी और दूसरे के बाल कटे हुए थे. इन दोनों की उम्र 25-30 वर्ष रही होगी. एसआई किरनजीत कौर सीसीटीवी फुटेज से निकलवाए प्रिंटों के आधार पर हत्यारों की तलाश करती रहीं.

अंत में एक गुप्त सूचना के आधार पर पलविंदर सिंह उर्फ पारस को 25 अगस्त, 2019 को अरेस्ट कर लिया गया. अगले दिन उसे 26 अगस्त को अदालत में पेश कर उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया.

रिमांड के दौरान पलविंदर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. पलविंदर की निशानदेही पर पुलिस ने एक छुरी और खून सने उस के कपड़े भी बरामद कर लिए, जो उस ने जसबीर सिंह की हत्या करने के समय पहन रखे थे.

रिमांड समाप्त होने के बाद 29 अगस्त को उसे अदालत में पेश कर जिला जेल लुधियाना भेज दिया गया. इस हत्याकांड के 2 मुख्य आरोपी बापबेटा हरकृष्ण सिंह और हरिंदर सिंह उर्फ हन्नी अभी तक फरार हैं, जिन की पुलिस बड़ी तत्परता से तलाश कर रही थी.

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