सोशल मीडिया का फेसबुक एक तरफ जहां दोस्ती का, संबंधों का एक नया संसार प्रदान करता है, वहीं यह फेसबुक ठगी, लूट और दैहिक शोषण का माध्यम भी बनता जा रहा है. फेसबुक के माध्यम से जाने कितनी नादान लड़कियां  अपनी अस्मत लुटा कर यह आगाह कर रही हैं कि अब तो जाग जाओ- जी हां यह सच है कि फेसबुक आज ठगी और शोषण का माध्यम बनता जा रहा है. इस तरह की घटनायें  छत्तीसगढ़ के  बिलासपुर, दुर्ग, मुंगेली से आई है .यहां फेसबुक के माध्यम से प्यार फिर धोखे के तीन  मामले सामने आये हैं.

वही दुर्ग में 44 लाख की ठगी का मामला चर्चा में रहा है. सवाल सीधा सा है कि समझना होगा कि फेसबुक का उपयोग किस एहतियात के साथ किया जाना चाहिए. अगरचे आप फेसबुक की मायावी दुनिया को सच मान लेंगे तो आपका लूटना तय है.क्योंकि यह फेसबुक की दुनिया हमारे आसपास के लोगों से ही बुनी गई है. जिस तरह का क्राइम पूर्व में बिना फेसबुक के हुआ करता था अब फेसबुक के माध्यम से यह कई गुना बढ़ कर लोगों को पीड़ा और त्रासदी दे रहा है.

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महिलाएं बन रही शिकार

फेसबुक की मायावी दुनिया में लड़कियां,  महिलाएं सहजता से बहकावे में आ जा रही है.ऐसे अनेक उदाहरण हमारे आस-पास घटित हो चुके हैं. समझदारी का तकाजा तो यह है कि हम फेसबुक का इस्तेमाल बहुत सोच समझकर करें और इसमें मित्रता की एक सीमा देखा रखें अगर हमने मित्रता को आंख बंद करके स्वीकार किया तो हमारा किसी न किसी तरीके से बेवकूफ बन जाना दैहिक शोषण का शिकार हो जाना आर्थिक रूप से ठगी का शिकार होना संभव है आई आपको कुछ घटनाओं से रूबरू कराते हैं-

पहली घटना में शादी के कुछ  समय बाद  बाद पति की बीमारी से मौत के बाद विधवा हो चुकी एक महिला की ‘फेसबुक” पर एक युवक से दोस्ती हुई. कुछ दिनों में यह प्यार में बदल गयी. जबकि दूसरी दूसरी घटना में भी पहले प्यार फिर धोखा का मामला सामने आया है. प्रेमी ने प्रेमिका को झांसा देकर उसके खाते से 2.50 लाख रुपये भी निकाल लिये.  इस दौरान उसने शारीरिक संबंध भी बनाये और पीड़िता जब गर्भवती हो गई तो जबरन गर्भपात करा दिया. दो वर्षों तक प्रेम संबंध चलने के बाद अब युवक ने शादी से इनकार कर दिया है. फेसबुक  मे फ्रेंडशिप का सिला यह मिला कि

पीड़िता के पैसे से ही आरोपी ने  मारुति कार  खरीदी और अब जिंदगी के गुलचर्रे उड़ा रहा है स्थिति यह है कि  अब फोन भी रिसीव नहीं कर रहा है. किसी तरह की घटना बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में घटित हुई जिसमें फेसबुक की मित्रता के बाद पीड़िता सीमा बदला हुआ नाम को युवक ने फेसबुक की मित्रता के पश्चात कई तरह की गिफ्ट देनी शुरू की और जब वह प्रभावित हो गई तो उसके साथ संबंध बना अब उसे छोड़ गायब हो गया है .

पुलिस की टाल मटोल

फेसबुक की दोस्ती में ठगी के शिकार यौन शोषण के शिकार लोगों की सुनवाई पुलिस भी जल्दी से नहीं करती क्योंकि यह एक पेचीदा मामला होता है और अभी पुलिस के पास बहुत से साधन ऐसे नहीं हैं जिनके माध्यम से वह इस क्राइम को डिटेक्ट कर सके इस संबंध में पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर क्राइम के मामले में अन्य राज्यों की पुलिस से बहुत पीछे चल रही है यही कारण है कि पुलिस जब तक स्पेशल प्रेशर ना हो फेसबुक आदि के क्राइम पर हाथ नहीं डालती ऐसी ही एक घटना छत्तीसगढ़ के दुर्ग में घटित हुई जहां 44 लाख रुपए की चपत फेसबुक के माध्यम से सुनीता आर्य नामक महिला को लग गई पुलिस इस मामले में सक्रिय हुई और दिल्ली से अपराधियों को पकड़ कर लाया गया इसी तरह मुंगेली में एक महिला फेसबुक दोस्ती के बाद अस्मत लूट जाने के पश्चात थाने पहुंची मगर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई अंततः न्यायालय ने पीडिता के मामले  परपुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. बावजूद  पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की. पीड़िता पिछले  महीनों से कोतवाली  थाने का चक्कर लगा  रही है.  दूसरी घटना में फेसबुक पर बेमेतरा की युवती को झांसे में लेकर बिलासपुर के सुदेश  ने शादी करने का झांसा देकर  यौन शोषण किया. अब वह शादी करने से इनकार कर रहा है. युवक के धोखा देने पर मामला  थाने तक पहुंचा है. मामला दर्ज होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

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फेसबुक की अनंत कहानी

निसंदेह इसमें दो मत नहीं है कि सोशल मीडिया जागरूकता प्रसारित करने का अपने जीवन को बेहतर बनाने का एक बेहतर मंच है मगर इसके साथ ही सिक्के के दूसरे पहलू के रूप में हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि फेसबुक के माध्यम से अपराधों की एक तरह  से बाढ़ आई हुई है. दरअसल फेसबुक या कोई भी माध्यम आपसे सामान्य समझदारी अपेक्षा रखता है अगर हम स्वयं सतर्क नहीं होंगे तो नुकसान हमारा है यह सूत्र वाक्य अगर समझ कर हम फेसबुक की मायावी दुनिया में प्रवेश करते हैं वह हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता फेसबुक में दोस्ती करते समय हमें अपनी सीमाओं को कभी नहीं भूलना चाहिए हां अगर हम स्वयं मानसिक रूप से मजबूत नहीं है तो नुकसान हमारा ही होगा. अन्य माध्यमों की भांति फेसबुक भी जहां बहुत कुछ बेहतर देता है वहीं कुछ नुकसान का बयास भी है कहां जा सकता है कि फेसबुक की गाथा भी हरि अनंत, हरि  कथा अनंता की तरह है.

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