एक तरफ जहां तकनीक ने लोगों को सुविधाओं से संपन्न कर दिया है वहीं दूसरी ओर अपराधों को भी इस तकनीक ने कुछ कम बढ़ावा नहीं दिया है. इन अपराधों में चोरी और ठगी के मामले भी कुछ कम नहीं हैं. आजकल नौकरी देनेदिलाने के नाम पर खूब ठगी की जा रही है.

नौकरी की ठगी का शिकार अत्यधिक युवावर्ग होता है जिसे नौकरी की तलाश होती है. नौकरी की ठगी एयरलाइंस में भी नौकरी देने के नाम पर की जा रही है. यह ठगी 1,500 से 20,000 रुपए के बीच हो सकती है, जिस के कई उदाहरण सामने आ रहे हैं.

जनवरी 2018

एयरलाइंस में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले कुछ युवाओं को एयरइंडिया के नाम से ईमेल मिला. इस ईमेल में लिखा था कि कंपनी ने इन का बायोडाटा सलैक्ट कर लिया है और इन्हें औनलाइन इंटरव्यू देना होगा. ईमेल में यह भी लिखा था कि इन प्रतिभागियों को 9,600 रुपए की रिफंडेबल रकम जमा करनी है जो उन के इंटरव्यू प्रोसेस, मेनटेनैंस, कुरियर आदि के लिए इस्तेमाल की जाएगी और कुछ समय बाद वापस कर दी जाएगी.

इस रकम को देख कर कुछ युवाओं के कान खड़े हुए परंतु कुछ इस ठगी का शिकार हो गए. बहरहाल, इन ठगों को इस से फर्क नहीं पड़ा लेकिन एयरइंडिया द्वारा इस तरह के सभी ईमेल्स को फ्रौड करार दे दिया गया.

एयरलाइंस द्वारा किसी भी प्रतिभागी को बिना किसी एप्लीकेशन प्राप्ति के ईमेल नहीं भेजे जाते. सभी एयरलाइंस किसी भी तरह के चयनांकन में कोई रकम नहीं मांगती. यदि व्यक्ति के पास किसी तरह का ईमेल आए और उसे फीस या सेलैक्शन के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो समझ लीजिए यह फ्रौड है.

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मार्च 2017

अखबार के क्लासीफाइड सैक्शन में एक विज्ञापन छपा जिस पर लिखा था ‘ग्रेजुएट लड़के और लड़कियों के लिए एयरपोेर्ट में नौकरी.’ इस विज्ञापन में साफ शब्दों में लिखा था कि किसी तरह का इंटरव्यू नहीं होगा. इस विज्ञापन को पढ़ लोगों ने नीचे दिए नंबर पर फोन किया तो एक महिला ने दूसरी तरफ से बात की और आवेदक को 1,500 की रकम जौब प्रोसेसिंग के नाम पर जमा करने के लिए कहा. अकाउंट किसी पूजा रावत के नाम पर था जो नारायणा विहार, दिल्ली के पंजाब नैशनल बैंक में था.

इन आवेदकों में एक आवेदक अंबाला की मीनू भी थी. मीनू ने 1,500 रुपए इस आकउंट में जमा करा दिए तो उन्हें 2 दिन बाद एयरपोर्ट अथौरिटी औफ इंडिया के नाम से एक अपौइंटमैंट लेटर आया. इस लेटर में लिखा था कि उन्हें सिक्योरिटी एग्रीमैंट फीस के नाम पर 15,000 रुपए जमा कराने हैं. नौकरी असल में फ्रौड थी. इस का पता मीनू को समय रहते चल गया. परंतु 1,500 रुपए न जाने कितने ही आवेदकों ने इस फ्रौड अकाउंट में डलवाए होंगे.

जब इस तरह की घटनाओं की शिकायत एयरपोर्ट अथौरिटी को मिली तो डायरैक्टर द्वारा पुष्टि की गई कि एयरपोर्ट अथौरिटी द्वारा किसी प्रकार का विज्ञापन नहीं दिया गया.

एयरलाइंस द्वारा यदि कोई विज्ञापन दिया भी जाता है तो वह क्लासीफाइड सैक्शन में नहीं होता. यदि कोई ईमेल लेटर भेजा भी जाता है तो वह एयरपोर्ट अथौरिटी के नाम से होगा न कि किसी व्यक्ति के नाम पर.

एयरलाइंस द्वारा इंटरव्यू की प्रक्रिया अनिवार्य होती है. इंटरव्यू के बिना एयरलाइंस प्रतिभागियों को नौकरी नहीं देती. एयरलाइंस की नौकरी के विज्ञापनों में आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख हमेशा लिखी होती है.

इन बातों का रखें ध्यान

एयरलाइंस जिन लोगों की भरती करती है वे पढ़ेलिखे व ट्रेनिंग प्राप्त होते हैं. यदि किसी विज्ञापन में यह लिखा हो कि 10वीं व 12वीं पास छात्रों के लिए केबिन क्रू या एयरहोस्टैस की नौकरी है तो समझ जाइए कि यह फ्रौड है और इस से सावधान रहिए.

यदि आप किसी एयरलाइंस के नाम से किसी तरह का ईमेल प्राप्त करते हैं, तो उस एयरलाइन की मुख्य वैबसाइट पर जा कर उस ईमेल की पुष्टि करें.

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एयरपोर्ट अथौरिटी औफ इंडिया के नाम से यदि किसी वैबसाइट या नौकरी पोर्टल पर कोई विज्ञापन हो तो संभवतया वह फ्रौड है क्योंकि एयरपोर्ट अथौरिटी द्वारा केवल उस की खुद की वैबसाइट पर ही नौकरी की पोस्ट डाली जाती हैं.

फ्रौड नौकरियों को पहचानने का सब से अच्छा तरीका यह है कि आप पूछें कि उन्होंने (उस एयरलाइंस) ने आप से किस आधार पर संपर्क किया है. यदि वे यह कहें कि उन्होंने आप का बायोडाटा वैबसाइट से लिया है तो यह फ्रौड है. एयरलाइंस इस तरह से किसी को कौल नहीं करतीं. उन के पास आवेदकों की कमी नहीं जो वे आप को ढूंढ़ कर संपर्क करें.

आप को इंटरव्यू का स्थान यदि होटल या कोई प्राइवेट फर्म बताया जाए तो इस का अर्थ है कि वे ठग हैं क्योंकि एयरलाइंस हमेशा अपनी कंपनी में ही इंटरव्यू रखती हैं.

जब आप को ज्ञात हो जाए कि जिस व्यक्ति ने आप से संपर्क किया है वह फ्रौड है तो बिना सोचविचार किए जल्द से जल्द पुलिस को इस की सूचना दें. इस से दूसरे व्यक्ति भी फ्रौड का शिकार होने से बच जाएंगे.

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