मानव स्वभाव भी बङा अजीब होता है. सुख के समय उसे सहीगलत का आभास नहीं होता. वह खुद पर इतराता है, महाभारत का पात्र दुर्योधन की तरह अहंकार करता है, अपनों की पहचान खत्म कर लेता है पर दुख के समय उसे न सिर्फ अपनी गलतियों का एहसास होता है, वह खुद पर पश्चाताप भी करता है. पतिपत्नी का रिश्ता भी इस से अछूता नहीं.

Digital Plans
Print + Digital Plans
Tags:
COMMENT