चेहरा व्यक्तित्व को संवारता है. दिन की शुरुआत हम अपने चेहरे की खूबसूरती को देख कर ही करते हैं. लेकिन यही चेहरा अगर ऐसा हो, जिसे देख कर आप खुद ही दुखी हो जाएं, तो फिर आप क्या करेंगी? क्या आप अपनेआप को दोषी ठहराएंगी या फिर परिवार, समाज या आसपास के लोगों को, जो हर बार आप को याद दिलाते रहते हैं कि आप उन से अलग हैं, कुरूप हैं?

COMMENT