Environmental Crisis: अभी हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, बेहद गरमी और उमस के कारण अगले 83 सालों में जीने लायक नहीं रहेंगे भारत, बंगलादेश और पाकिस्तान के लोग. इस रिपोर्ट के अनुसार, क्लाइमेट चेंज के कारण अगले कुछ दशकों में दक्षिण एशिया का इलाका लोगों और जीवों के रहने लायक नहीं रहेगा. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत और पाकिस्तान सहित दक्षिण एशियाई देशों में इतनी गरम हवाएं चलेंगी कि यहां जी पाना नामुमकिन हो जाएगा.

नए शोध के नतीजों से पता चलता है कि अगर कार्बन उत्सर्जन के साथसाथ जनसंख्या वृद्धि पर जल्द कंट्रोल नहीं किया गया तो जिंदा रहने की हमारी क्षमता आखिरी कगार पर पहुंच जाएगी. कृषि उत्पादन में भारी कमी के कारण हमारी स्थितियां और गंभीर हो जाएंगी. ऐसा नहीं कि केवल गरमी के कारण ही लोग मरेंगे. फसल कम होने के कारण लगभग हरेक इंसान को इन भयावह और असहनीय स्थितियों का सामना करना पड़ेगा.

ऐसी विकट परिस्थिति में सब से ज्यादा मारा जाएगा गरीब आदमी क्योंकि अमीर और सक्षम लोग तो पहले ही देश छोड़ चुके होंगे. अमीरों को भविष्य में होने वाले उस विनाश का आभास अभी से है, तभी तो हर साल करीब 2 लाख करोड़पति भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश को छोड़ कर विदेशों में सैटल हो रहे हैं लेकिन आज इस भारतीय उपमहाद्वीप पर रहने वाली आबादी को भविष्य की कोई चिंता नहीं क्योंकि भारत, पाकिस्तान और बंगलादेश की कुल आबादी के मात्र

10 प्रतिशत लोग इस पूरे उपमहाद्वीप के 90 प्रतिशत संसाधनों के मालिक हैं और बाकी बचे 90 प्रतिशत लोग 10 प्रतिशत संसाधनों पर जैसेतैसे गुजारा करने को मजबूर हैं. 10 प्रतिशत लोग संसाधनों के साथसाथ धर्म, राजनीति और व्यवस्था के मालिक भी बन बैठे हैं.

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