Hindi Stories: शाम के 5 बजे थे. ईशा अपने बैड पर लेटी हुई मोबाइल पर गेम खेलने में बिजी थी कि बच्चों के शोर ने उस का ध्यान भंग कर दिया था.

रुशिल दौड़ता हुआ आया, ‘‘मौम,  देखो, दादा नई मर्सिडीज गाड़ी ले कर आए हैं. मम्मा, ब्लू कलर की बहुत सुंदर गाड़ी है. दादा आप को बुला रहे हैं.’’

‘‘जल्दी चलिए, दादा पहले डीलर के पास एक बार फिर जाएंगे, फिर आज का डिनर भी सब लोग बाहर ही करेंगे.’’

वह उठी और बालकनी से झुक कर देखा, घर के सब लोग बाहर इकट्ठा थे और उसी का इंतजार हो रहा था.

वह बड़ी बहन की संपन्नता देख डाह के मारे जलभुन कर रह गई थी.

‘‘रुशिल, जा कर कह दो कि मम्मा को सिर में बहुत दर्द है, इसलिए वे नहीं जा पाएंगी.’’

दिशा ने उन की बात सुन ली थी क्योंकि वह खुद ही उसे बुलाने के लिए उस के कमरे में आ गई थीं.

‘‘चलो ईशा, खाने पर चलोगी तो सिरदर्द दूर हो जाएगा. आज खाना बनाने से भी छुट्टी मिलेगी. आज सुमित सब को बाहर खाना खिला रहे हैं. ऐसा मौका तो कभीकभी ही आता है. चलो, सब लोगों के साथ चलेंगे, मजा आएगा.’’

‘‘मुझे नहीं जाना, कह दिया न. मेरा जी न जलाओ.’’

दिशा और ईशा दोनों बहनें थीं. दिशा का संगमरमरी रंग, हिरणी जैसी चंचल चितवन पर सुमित मरमिटा था. एक कौमन फ्रैंड की पार्टी में सुमित ने दिशा को देखा तो वह देखता ही रह गया था. सुमित ने अपने दोस्त आरव से उस का फोन नंबर ले लिया और फेसबुक व इंस्टा पर उसे फ्रैंड रिक्वैस्ट भेज कर दोस्ती कर ली. फिर मिलनाजुलना शुरू हो गया. दोनों के बीच प्यार की बातें, मुलाकातें जल्दी ही शादी के पैगाम तक पहुंच गईं.

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