Cute Baby Moments: मेरी बेटी एक वर्ष की है. वह अपने नाना से बहुत घुलमिल गई जब वे मेरे पास 3 माह रहे. मेरे पिताजी के बाल पूरी तरह सफेद हैं. जब वे जा रहे थे, मेरी बेटी बहुत सुस्त हो गई. जब भी नाना की शक्ल के सफेद बालों को देखती थी, नानानाना कह कर दौड़ पड़ती थी और उन की गोद में चली जाती थी. जब तक पास जा कर देख नहीं लेती, चुप न होती थी. नाना को न पा कर वह अब कहती है, ‘‘नाना गए.’’ लेखिका - नीतू कपूर
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यहां गमले में चाय मिलती है
मेरी ननद का लड़का राजू बहुत चंचल है. कुछ दिनों पहले हम दिल्ली जा रहे थे. स्टेशन पर जब गाड़ी रुकी, तब मुझे चाय पीने की इच्छा हुई. आजकल कुल्हड़ में चाय मिलती है. जैसे ही चाय वाले ने हमें कुल्हड़ पकड़ाए, राजू बोल पड़ा, ‘‘अरे, यह कैसा शहर है, यहां गमले में चाय मिलती है.’’
अब जब भी कभी कुल्हड़ में
चाय देखती हूं, मुझे गमला याद आ
जाता है. डा. कल्पना चुग
मेरा बेटा बहुत हाजिरजवाब है. वह
7 साल का है. एक बार मैं उसे इंग्लिश का होमवर्क कराने बैठी. उसे उस की टीचर ने इंग्लिश के कुछ शब्द दिए थे. उन्हें वाक्यों के साथ लिखना था.
फुलिश शब्द का वाक्य बनाना था. मैं और बेटा समझ नहीं पा रहे थे कि किस को मूर्ख बनाया जाए. मैं ने कहा, ‘‘लिख दो, यू आर फुलिश.’’
वह तपाक से बोला, ‘‘ऐसा लिख कर मैम के पास कौपी जाएगी तो वे क्या सोचेंगी.’’ फिर उस ने कहा, ‘‘क्या मैम फुलिश, बच्चे फुलिश, हम सब फुलिश लिख दें.’’
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