बिहार के सिवान जिले में 13 मई को  पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मार कर हत्या कर दी गई. फरवरी माह में दिल्ली के वसंतकुंज में रहने वाले, पेशे से टीवी पत्रकार, 30 साल के हरदीप की गोली मार कर हत्या कर दी गई. हत्या की वजह इतनी थी कि उस ने तेज आवाज में बज रहे म्यूजिक का विरोध किया. बंगलादेश में पिछले कुछ सालों में धर्मनिरपेक्ष बातें करने वाले कई पत्रकारों व बुद्धिजीवियों की बर्बर तरीके से हत्याएं की गईं जिन में स्वतंत्र लेखक, प्रोफैसर और पत्रकार शामिल हैं. बंगलादेश में ही नहीं, उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार हों या सीरिया और सोमालिया में अपनी जान को जोखिम में डाल कर अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले पत्रकार हों, जानलेवा हमलों के शिकार हो रहे हैं.

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