ये सही है कि जब कोई महिला माँ बनने वाली होती है ,तो वह पल उसके जीवन का खास होता है. लेकिन इस रूडिवादी समाज में लोगो की सोच अलग है .माँ बनते ही महिला घर से बाहर निकलना तब बंद कर देती है जब उसका ‘बेबी बम्प’ दिखाई पड़ने लगता है ,वह ‘शाय’ फील करती है .लोग क्या कहेंगे ये सोचती है .इसी सोच को बदलने के लिए सुपर मॉडल कैरोल ग्रासिअस ने रैंप पर अभिनेत्री स्वेता साल्वे और १२ प्रेग्नेंट महिलाओ के साथ वाक किया इसका उद्देश्य महिलाओ मैं जागरूकता फ़ैलाने का है कि माँ बनकर आप अपने मातृत्व का आनंद ले न कि घर पर छुपे बैठे रहे.बायो आयल द्वारा आयोजित इस इवेंट मैं कैरोल ने बताया कि जब मुझे माँ बनने की बात पता चली तो मुझे और मेरे पति को ख़ुशी का ठिकाना नहीं था,क्योंकि शादी के बाद ही उन्होंने बच्चे का ज़िक्र किया था पर मैंने ही उन्हें तीन साल तक ‘वेट’ करवाया .माँ बनने के बाद से  मैं डाक्टर की सलाह के आधार पर हर काम कर रही हूँ.नौ महीने काटना आसान नहीं होता .यह हमारे जीवन का एक पार्ट है .इसे आनंद के साथ बिताना ठीक होता है ताकि आप एक स्वस्थ बेबी डेलिवर कर सके .

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