Astrology Scam: एस्ट्रोलौजी कमाई का धंधा है. एस्ट्रोलौजर बाकायदा विज्ञापन देते हैं, बड़े बोर्ड लगाते हैं, भरपूर पैसे लेते हैं ताकि लोगों का भविष्य सही करने के नाम पर वे ठगी कर सकें. धंधा लूट का है लेकिन धड़ल्ले से चल रहा है. सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे एस्ट्रोलौजर सक्रिय हैं जिन के लाखों फौलोअर्स हैं. भाग्य बदलने का यह बिजनैस ऊंचाइयों पर है. लूटने वाले बेशर्म हैं तो लुटने वाले लुटा कर खुश हैं. सवाल यह है कि क्या एस्ट्रोलौजी पूरी तरह झूठ और लूट का धंधा है या इस में कुछ सच्चाई भी है?

भारत में एस्ट्रोलौजी हमेशा से बड़ा धंधा रहा है लेकिन इंटरनैट के सहारे आज यह एक बड़ा कमर्शियल धंधा बन चुका है. भाग्य बदलने के नाम पर लाखोंकरोड़ों का कारोबार हो रहा है. धंधा कोई भी तब तक बुरा नहीं होता जब तक वह अपने ग्राहकों को फायदा पहुचाएं लेकिन इस धंधे में फायदा एकतरफा होता है. ग्राहकों को सिर्फ झूठ परोसा जाता है. इस के बावजूद भारत का एस्ट्रोलौजी मार्केट

60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का हो चुका है. डिजिटल प्लेटफौर्म्स, ऐप्स, सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम और यूट्यूब ने इसे और तेजी से बढ़ाया है.

धर्म ने इस धंधे पर शुरू से ही अपनी मोहर लगाई है क्योंकि धर्म खुद भविष्य बता कर भक्तों को फंसाता है. ज्योतिषी धर्म के मजबूत दलाल हैं.

कई एस्ट्रोलौजर बड़ेबड़े बोर्ड लगाते हैं, टीवी पर आते हैं सोशल मीडिया पर लाखों फौलोअर्स इन के हैं. कुछ सैलिब्रिटी एस्ट्रोलौजर के तो इंस्टाग्राम पर 1-2 मिलियन से ज्यादा फौलोअर्स हैं. यह लोग कंसल्टेशन, पूजापाठ, रत्न या यंत्र के नाम पर अच्छे पैसे वसूलते हैं. यह पूरी तरह से भाग्य बदलने का बिजनैस है, जहां लोग डर और उम्मीद के कारण लूटे जाते हैं. इन्हें इन के धर्मों ने भी बनाया है कि जो कुछ होना है उन के धर्म के ईश्वर की मरजी से होता है और कुछ लोग ही उस मरजी को पहले से जान सकते हैं. धर्मों ने ज्योतिषियों को खूब बढ़ावा दिया है क्योंकि इस से उन की काल्पनिक कहानियों को बल मिलता है.

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