सवाल

मैं अपने 2 बेटों, बहुओं और उन के बच्चों के साथ रहता हूं. पत्नी की मृत्यु 3 साल पहले हो गई थी. दोनों बेटे औफिस में रहते हैं और बहुएं अपने घरबाहर के काम में. मैं 4 महीने पहले ही रिटायर हुआ हूं. पत्नी की मृत्यु के बाद वक्त औफिस में कट जाता था पर अब वक्त जैसे कटता ही नहीं है. कुछ पढ़ते पढ़ाते समय गुजारने की कोशिश करो तो आंखों पर जोर पड़ने लगता है. पोतेपोती अपनी पढ़ाई, कोचिंग में तो कभी फोन में घुसे रहते हैं. मन हर समय बेचैन रहता है. क्या करूं, समझ नहीं आता.

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