सुब्रमण्यम स्वामी अकसर अपनी ही सरकार पर चढ़ बैठते हैं. खूब किरकिरी करते हैं. लेकिन अब की बार वे सरकार के खासमखास पर चढ़ बैठे हैं. सरकार मौन है. ऐसा लगता है जैसे इस मौन में सरकार की स्वीकृति समाहित है. केंद्र की भाजपा सरकार के फायरब्रैंड नेता सुब्रमण्यम स्वामी अकसर बागी हो जाते हैं. अपनी ही सरकार पर चढ़ बैठते हैं. धमकियां देने लगते हैं. सरकार के सब से बड़े आलोचक दिखने लगते हैं और अपने बयानों से सरकार को कठघरे में खड़ा कर देते हैं.

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