मध्य प्रदेश में आम लोग जाएं तेल लेने. युवाओं को न नौकरी न बेरोजगारी भत्ता, किसानों को राहत नहीं, कर्मचारियों को एरियर व महंगाई भत्ता नहीं और महिलाओं को सुरक्षा नहीं. लेकिन धर्म की दुकानदारी में बिलकुल भी कमी नहीं, इस के लिए पंडेपुजारियों को सरकारी दानदक्षिणा जारी है.

कोई नहीं पूछता कि युवाओं को बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया जाता, किसानों को राहत और इमदाद खासतौर से सुपात्रों को क्यों वक्त पर नहीं दी जा रही. सरकार जनता का पैसा निकम्मे पंडेपुजारियों पर क्यों लुटा रही है, कर्मचारियों को एरियर और महंगाई भत्ता देने को सरकार के खजाने में पैसा नहीं है लेकिन पैसा उन पुजारियों के लिए ही क्यों है जो कुछ नहीं करते.

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