लेखक- रोहित और शाहनवाज 

पंजाब में हुए एमसी चुनाव ने देश के बाकी राज्यों के लिए कुछ मिसाल छोड़ी है. यह मिसाल उस महंगाई, बेरोजगारी, खराब होती अर्थव्यवस्था और आम लोगों के मुद्दों को सरकार द्वारा नकारने के खिलाफ था जो यहां के शहरी लोगों ने भाजपा के खिलाफ मैंडेट देकर साबित किया. इस मैंडेट को कांग्रेस के भारी समर्थन के तौर पर समझना फिलहाल जल्दबाजी होगी. लेकिन यह तय है की यहां शुद्ध तरीके से भाजपा व उसके पूर्व सहयोग में रहे दल के खिलाफ था. कृषि कानूनों के भवर के अतिरिक्त यह उस बिगड़ती अर्थव्यवस्था के खिलाफ भी था जो पिछले 7 सालों की भाजपा की नकमियाबीयों का नतीजा था.

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