परम पूज्य, परम आदरणीय, प्रभुतुल्य श्री नरेंद्र मोदी जी,

सादर चरण तो चरण तलुवा स्पर्श भी

सबसे पहले तो मैं यह बता कर आपको बेफिक्र (वैसे आप किसी बात या चीत की फिक्र करते ही कहां हैं) कर दूं कि मैं कोई जिद्दी या बुद्धिजीवी नहीं बल्कि एक औसत से भी गई गुजरी बुद्धि बाला देहधारी भारतीय हूं जो आप की भक्ति की अनिवार्य शर्त है. इस पात्रता के नाते मैं अपनी व्यथा व्यक्त कर रहा हूं कि वे 49 कथित बुद्धिजीवी जिन्होंने आप को पत्र लिखने की बेहूदी हरकत की घोर राष्ट्र द्रोही हैं.

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