जब घर का मुखिया ही अंधेरे में जीना चाहे उसे रोशनी की दरकार समझ न हो, तो घर के अन्य प्राणी क्या खा कर उजाला पसंद करेंगे,रोशनी चाहेगे.यही परम सत्य इन दिनों छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है. छत्तीसगढ़ के तृतीय मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल ने प्रगतिशील सोच को दरकिनार करते हुए बारंबार रूढ़िवादिता, अंधविश्वास को बढ़ावा दिया है. और यह संदेश छत्तीसगढ़ में प्रसारित किया है की ढोंग,बैगा, गुनिया अंधविश्वास ही आम छत्तीसगढ़िया के लिए विकास का दरवाजा है.

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