महाराष्ट्र व हरियाणा सहित 51 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों के नतीजे बताते हैं कि आम लोग राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, कश्मीर और मंदिर की राजनीति की हकीकत अब समझने लगे हैं. गर्त में जाती अर्थव्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी से त्रस्त वोटरों ने स्पष्टतौर पर भाजपा से असहमत होते दम तोड़ते विपक्ष को ताकत देना शुरू कर दिया है.

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