ईवीएम मशीन में नोटा यानि इनमें से कोई नहीं वाला बटन एक बेमतलब की चीज है. मतदान प्रतिशत बढ़ाने इसका प्रावधान साल 2013 के चुनाव से चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने किया था जो किसी को वोट नहीं देना चाहते. तब लोगों ने उत्साहपूर्वक इस का उपयोग किया भी था. लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि इससे हासिल क्या हुआ उउन्होंने रामलाल और श्यामलाल दोनों उमीदवारों को वोट नहीं दिया फिर भी इनमे से कोई एक चुन लिया गया तो तटस्थता या विरोध के माने क्या रह गए जबकि कई सीटें ऐसी भी थीं जिन पर नोटा का प्रतिशत हार जीत के अंतर से ज्यादा था.

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