अगर नींबू और नारियल रखने से वाहन की सुरक्षा होती तो भारत में कोई दुर्घटना ही नहीं होती. लड़ाकू विमान राफेल के टायर के नीचे ‘नींबू’ रखने से विमान की सुरक्षा हो ना हो पर हरियाणा और महाराष्ट चुनाव के पहले पूजापाठ के मुददे को वापस चर्चा में ला दिया है. राफेल के नीचे ‘नींबू’ देख कर विदेशी भले ही चौंक रहे हो पर भारत के लोग इसे धर्म से जोड़ कर देख रहे है. उनकी निगाह में यह धर्म और रक्षा से जुड़ा मसला है. जनता में इसी भ्रम को सरकार बनाये रखना चाहती है. जिससे धर्म के नाम पर उसे वोट मिलते रहे.

विजयादशमी के दिन केन्द्र के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में लड़ाकू विमान राफेल को खरीदने के बाद सबसे पहले नींबू और ओम लिखा तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कन्याभोज और गाय को गुड़ खिलाया. देश का एक वर्ग इन घटनाओं की आलोचना कर रहा है तो वहीं पूजा पाठ का समर्थन करने वाले लोग सरकार के कदम के साथ खड़े है. भाजपा को लग रहा है कि पूजापाठ के दम पर ही वह आगे भी चुनाव जीत जायेगी. ऐसे में वह अपने इस कदम की तारीफ कर रही है. देश की जनता पर जिस तरह से पूजापाठ का नशा चढा है. उसे भाजपा अपने लिये मुफीद मान रही है. यही वजह है कि हरियाणा महाराष्ट के विधानसभा चुनावों में स्टार प्रचारक के रूप में सबसे अधिक मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की है.

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