कलयुग में राम की उपेक्षा के बहुत सारे उदाहरण हैं. इनमें से एक यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंकर की नगरी वाराणसी से तो गहरा रिश्ता रखते हैं पर राम की नगरी अयोध्या से उनका केवल चुनावी रिश्ता ही रह गया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में वह राजकीय इंटर कालेज के मैदान पर चुनावी सभा करने के लिये गये थें. उस समय वह भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी थें. 2014 का लोकसभा चुनाव जीत कर नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें.

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